रक्षा लेखा विभाग ने एसपीएआरएसएच के तहत विसंगत पेंशन मामलों के निपटारे में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना से जुड़े सभी चिन्हित मामलों का सामान्यीकरण पूरा कर लिया है, जबकि भारतीय सेना के मामलों में लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विभाग ने भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना से जुड़े कुल 1,45,182 विसंगत मामलों का सफलतापूर्वक सामान्यीकरण कर दिया है। इनमें 1,12,638 मामले भारतीय वायु सेना के और 32,544 मामले भारतीय नौसेना के हैं।
भारतीय सेना के 3.90 लाख मामले सामान्यीकृत
भारतीय सेना के पेंशनरों से जुड़े विसंगति मामलों के समाधान में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 3,94,779 चिन्हित मामलों में से रक्षा लेखा विभाग ने 3,90,336 मामलों का सामान्यीकरण कर दिया है। यह कुल मामलों का लगभग 98.8 प्रतिशत है।
इसका मतलब है कि चिन्हित सेना मामलों का केवल एक छोटा हिस्सा ही अब सामान्यीकरण के लिए बाकी है। कुल मिलाकर विभाग ने सेना, नौसेना और वायु सेना में 5,35,518 मामलों का सामान्यीकरण किया है।
एसपीएआरएसएच पेंशन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम
एसपीएआरएसएच रक्षा मंत्रालय की डिजिटल पेंशन प्रशासन प्रणाली है, जिसे रक्षा पेंशनों के प्रबंधन के लिए केंद्रीयकृत और काफी हद तक कागज रहित मंच के रूप में बनाया गया है।
यह प्रणाली पेंशन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं को कवर करती है और पेंशनरों को डिजिटल माध्यम से पेंशन संबंधी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती है।
रक्षा लेखा विभाग ने कहा कि यह उपलब्धि एसपीएआरएसएच व्यवस्था को मजबूत करने और रक्षा पेंशन अभिलेखों में विसंगतियों को दूर करने के लिए किए गए समन्वित प्रयासों और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण को दर्शाती है।
भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के सभी चिन्हित मामलों के सामान्यीकृत हो जाने तथा भारतीय सेना के 98.8 प्रतिशत मामलों के पूरे हो जाने के बाद, विभाग अब तीनों सशस्त्र बलों के चिन्हित विसंगत मामलों के निपटारे के करीब पहुंच गया है।