राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया। वह थावर चंद गहलोत का स्थान लेंगी, जो जुलाई 2021 से इस पद पर थे और लगभग पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। यह नियुक्ति छह राज्यों में होने वाले व्यापक राज्यपाल फेरबदल का हिस्सा है।
डॉ. यादव कर्नाटक की राज्यपाल बनने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले वी.एस. रामादेवी इस पद पर रह चुकी हैं, जिन्होंने दिसंबर 1999 से अगस्त 2002 तक कार्यभार संभाला था।
पृष्ठभूमि और शिक्षा
डॉ. यादव का जन्म 16 अक्टूबर 1965 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मोतला कलां गांव में हुआ था। वह लगभग 60 से 61 वर्ष की हैं। उन्होंने 1987 में रुड़की विश्वविद्यालय, जिसे अब आईआईटी रुड़की के नाम से जाना जाता है, से रसायन विज्ञान में एम.एससी. स्वर्ण पदक के साथ पूरी की और 1992 में वहीं से रसायन विज्ञान में पीएच.डी. प्राप्त की। वह राष्ट्रपति गाइड पुरस्कार की भी प्राप्तकर्ता हैं। सार्वजनिक जीवन में आने से पहले वह व्याख्याता के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
व्यक्तिगत क्षति और राजनीति में प्रवेश
डॉ. यादव सीमा सुरक्षा बल के उप कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की विधवा हैं, जो 26 मई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान संघर्ष क्षेत्र में शहीद हुए थे। सुखबीर सिंह यादव का जन्म 12 दिसंबर 1961 को हुआ था। डॉ. यादव के दो बच्चे हैं। अपने पति के सर्वोच्च बलिदान के तुरंत बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया।
तत्कालीन भाजपा हरियाणा प्रभारी नरेंद्र मोदी ने 1999 के आम चुनाव में उन्हें महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने लगभग 1.39 लाख वोटों के अंतर से राव इंद्रजीत सिंह को हराकर जीत दर्ज की और 1999 से 2004 तक 13वीं लोकसभा की सदस्य रहीं।
गुरुग्राम में उनके पति के नाम पर एक सड़क का नाम शहीद सुखबीर सिंह यादव मार्ग रखा गया है, ताकि उनकी सेवाओं को सम्मान दिया जा सके।
राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन
सांसद का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉ. यादव भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक भूमिकाओं में सक्रिय रहीं। वह भाजपा की राष्ट्रीय सचिव रहीं और 2015 में पार्टी की ओबीसी मोर्चा की राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त की गईं। वह 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रहीं।
अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया, जो पार्टी का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। वह इस बोर्ड की प्रमुख सदस्यों में शामिल हुईं और सुषमा स्वराज के बाद बोर्ड में सेवा देने वाली दूसरी महिला बनीं।
नियुक्ति का संदर्भ
राष्ट्रपति भवन ने यह घोषणा समन्वित फेरबदल के तहत की। अन्य बदलावों में राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल, ओम प्रकाश माथुर का सिक्किम से केरल स्थानांतरण, तथा ओडिशा के लिए ब्रज मोहन राम, उत्तराखंड के लिए ढाल सिंह बिसेन और सिक्किम के लिए दुश्यंत गौतम की नई नियुक्तियाँ शामिल हैं। ये नियुक्तियाँ संबंधित व्यक्तियों के कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र सहित वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इस नियुक्ति का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने उनकी शैक्षिक उपलब्धियों, संसदीय अनुभव और वीर नारी के रूप में उनके व्यक्तिगत बलिदान का उल्लेख किया।
कर्नाटक के राज्यपाल पद पर डॉ. यादव की नियुक्ति भाजपा में उनके लंबे संगठनात्मक कार्य और कारगिल के एक शहीद से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव, दोनों को मान्यता देती है। उम्मीद है कि वह आने वाले दिनों में पदभार संभालेंगी।