देहरादून, 13 अक्टूबर 2026: भारतीय सेना के मेजर ऋषभ सिंह संब्याल को उत्तराखंड के राज्यपाल ने डीप टेक 2030 पहल के शुभारंभ पर अपने विचार और सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया। यह आयोजन नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और भारत के तकनीकी भविष्य पर केंद्रित था।
मेजर संब्याल ने इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी की जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की और इस पहल से जुड़ी चर्चाओं में योगदान देने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवा छात्रों से भी संवाद किया और उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मकता, नवाचार और बड़े सपने देखने की भावना अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
छात्रों से हुई इस बातचीत पर उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में दिखाई देने वाला उत्साह और जिज्ञासा भारत की भविष्य की तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने लिखा, “युवा छात्रों के साथ बातचीत भी उतनी ही प्रेरणादायक रही, जिनकी जिज्ञासा, रचनात्मकता और महत्वाकांक्षा यह भरोसा दिलाती है कि भारत की सबसे बड़ी नवाचार कहानी अभी लिखी जा रही है।”
मेजर संब्याल ने भविष्य को आकार देने में सक्रिय सोच और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दृष्टि और नवाचार ही सार्थक प्रगति को आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा, “जैसे हम भविष्य की ओर देखते हैं, एक बात स्पष्ट है: भविष्य ऐसी चीज नहीं है जिसका हम इंतजार करें। यह ऐसी चीज है जिसे हम दृष्टि, नवाचार और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से बनाते हैं।”
डीप टेक 2030 के शुभारंभ में उनकी भागीदारी को नेतृत्व, प्रौद्योगिकी और युवा सहभागिता को जोड़ने वाली चर्चाओं के बढ़ते महत्व के रूप में देखा गया, क्योंकि भारत अपने नवाचार तंत्र को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
छात्रों के लिए यह बातचीत एक भारतीय सेना अधिकारी से मिलने और नेतृत्व, दूरदर्शी सोच तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान के महत्व को समझने का अवसर भी बनी।
मेजर संब्याल ने अपने संदेश का समापन “जय हिंद” के साथ किया और राष्ट्र की प्रगति तथा भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।