इम्फाल में गुरुवार को खाद्य विषाक्तता की आशंका के बाद सीमा सुरक्षा बल के कम से कम 75 कर्मियों और तीन नागरिक चालकों को क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रिम्स, अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रभावित सीमा सुरक्षा बल कर्मी 58 बटालियन की डेल्टा कंपनी से संबंधित हैं। वे बुधवार को दीमापुर से इम्फाल पहुंचे थे और इम्फाल पश्चिम जिले के ताओथोंग और लामसांग क्षेत्र में एक अस्थायी आश्रय में ठहरे हुए थे।
नाश्ते के बाद उन्हें उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें लगभग एक बजे रिम्स लाया गया। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों को आपातकालीन विभाग में तुरंत उपचार दिया गया और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम. रमेश्वर ने पुष्टि की कि मरीज उपचार का जवाब दे रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में अत्यधिक उल्टी से जुड़ी निर्जलीकरण की बात भी सामने आई है, हालांकि कोई भी मामला फिलहाल गंभीर नहीं बताया गया है।
राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम की टीम ने अस्थायी आश्रय का दौरा किया। मौके पर तैयार किए गए भोजन के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध खाद्य विषाक्तता का सही कारण परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मणिपुर के गृह मंत्री कोन्थौजम गोविंदास, जिन्हें गोविंदास कोन्थौजम के नाम से भी जाना जाता है, ने रिम्स अस्पताल जाकर कर्मियों की स्थिति की जानकारी ली और उनके उपचार की समीक्षा की।
घटना के शुरुआती घंटों में भर्ती मरीजों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं, लेकिन पीटीआई का हवाला देने वाली प्रमुख रिपोर्टों में 75 सीमा सुरक्षा बल कर्मियों और तीन नागरिकों के भर्ती होने की पुष्टि की गई।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रयोगशाला परिणाम आने के बाद बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। गुरुवार शाम तक सभी मरीजों को खतरे से बाहर बताया गया।