भारतीय सेना ने “Shadows and Steel” शीर्षक से एक प्रभावशाली 24-सेकंड का वीडियो जारी किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा निर्माण संयंत्र में स्वदेशी AK-203 आक्रमण राइफल—जिसे “Sher” (शेर) भी कहा जाता है—के संयोजन और फायरिंग के दृश्य दिखाए गए हैं।
वीडियो में AK-203 का संचालन कर रहे सैनिकों को दिखाया गया है, जो एक आधुनिक राइफल है, जिसे भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है ताकि उम्रदराज INSAS को प्रतिस्थापित किया जा सके। AK-203 को बेहतर प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें उन्नत एर्गोनॉमिक्स, उन्नत ऑप्टिक्स रेल और प्रति मिनट 700 राउंड फायरिंग दर शामिल है, जिससे इन्फैंट्री यूनिट्स को विविध युद्ध स्थितियों में बेहतर सटीकता और विश्वसनीयता मिलती है।
अमेठी में उत्पादन लाइन समय से आगे बढ़ रही है, और पहले पूर्ण स्वदेशी बैच के दिसंबर 2025 तक रोल आउट होने की उम्मीद है। चल रही डिलीवरी भारतीय सेना की व्यापक आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सैनिकों को अगली पीढ़ी के भारत में निर्मित हथियारों से सुसज्जित करना है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने राइफल और निर्माण की प्रगति की सराहना की, इसे “भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और हमारे कार्यबल की कुशलता का प्रमाण” कहा।
AK-203 परियोजना ‘Atmanirbhar Bharat’ पहल के अंतर्गत एक प्रमुख मील का पत्थर है, जो छोटे हथियारों के उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करते हुए अग्रिम मोर्चे के सैनिकों की ऑपरेशनल ताकत को बढ़ा रहा है।