लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, उप सेनाध्यक्ष (VCOAS), ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर का दौरा किया ताकि भारतीय सेना के तकनीकी-निर्मित आधुनिकीकरण में सहयोग के नए रास्तों की खोज की जा सके।
दौरे के दौरान, उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। इन तकनीकों का लक्ष्य स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और सेना की evolving ऑपरेशनल आवश्यकताओं का समर्थन करना था।
VCOAS ने प्रमुख अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें हेलीकॉप्टर & VTOL प्रयोगशाला, UAV प्रयोगशाला, और C3iHub शामिल थे। इन स्थलों पर ड्रोन तकनीकों और साइबर सुरक्षा समाधानों में अत्याधुनिक विकास का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने IIT कानपुर के रक्षा अनुप्रयोगों के लिए प्रासंगिक उच्च-impact तकनीकों के विकास में किए गए सतत प्रयासों की सराहना की।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना और अकादमिक संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग से नवोन्मेषी, स्वदेशी समाधान प्राप्त होंगे, जो ऑपरेशनल प्रभावशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाएंगे।
यह दौरा IIT कानपुर की रक्षा नवाचार में बढ़ती भूमिका को पुनः पुष्टि करता है और भारतीय सेना के साथ मिलकर भविष्य-उन्मुख क्षमताओं के निर्माण के लिए अनुसंधान, विकास और सहयोग को मजबूत करता है।