Rear Admiral B S Sodhi, Assistant Chief of Naval Staff (Policy & Plans), ने सेना के युद्ध महाविद्यालय में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया, जिसमें भारतीय नौसेना की क्षमता विकास पर ध्यान दिया गया, जो भविष्य की चुनौतियों के सामने है।
भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं पर ध्यान
सत्र के दौरान, Rear Admiral Sodhi ने निम्नलिखित बातों पर जोर दिया:
- नौसेना की दीर्घकालिक क्षमता विकास रोडमैप
- गतिशील सुरक्षा वातावरण में उभरती खतरों के प्रति अनुकूलन
- बहु-डोमेन संचालन के लिए तैयारी को मजबूत करना
स्वदेशीकरण और नवोन्मेष की दिशा में प्रयास
उन्होंने भारतीय नौसेना के स्वदेशी पहल पर बल भी दिया, जिसमें शामिल हैं:
- प्लेटफार्मों और प्रणालियों का स्वदेशी विकास
- रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में नवोन्मेष को प्रोत्साहित करना
- विदेशी तकनीकों पर निर्भरता कम करना
सेवा-स्तरीय ज्ञान साझा करना
इस व्याख्यान में उच्च العسكرية प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच बढ़ते समन्वय को प्रदर्शित करना था, जिससे भविष्य के युद्ध की आवश्यकताओं का संयुक्त समझ स्थापित हो सके।
निष्कर्ष
यह सत्र नवाचार आधारित क्षमता निर्माण और सेवा-स्तरीय सहयोग के महत्व को उजागर करता है, जो भारत की सशस्त्र बलों को उभरती रणनीतिक और प्रौद्योगिकी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।