भारतीय सेना ने सेवा चयन बोर्ड (SSB) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है, जिसमें 2026 के अंत तक कंप्यूटर-आधारित स्टेज-1 स्क्रीनिंग टेस्ट का परिचय शामिल है। यह कदम उच्च स्क्रीनिंग-आउट दरों और भीड़ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कंप्यूटर-आधारित स्क्रीनिंग की ओर बदलाव
वर्तमान स्टेज-1 स्क्रीनिंग प्रणाली, जो 1998 से लागू है, को अब कंप्यूटर-आधारित प्रारूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक:
- उद्देश्यपूर्ण
- पारदर्शी
- कुशल
उम्मीदवारों के बोझ को कम करने के कदम
सेना ने यह नोट किया है कि SSB केंद्रों पर अत्यधिक रिपोर्टिंग मुख्य रूप से गैर-UPSC प्रविष्टियों जैसे कि TES, TGC, SSC (Tech), और NCC में देखी जाती है। इसे संबोधित करने के लिए:
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TGC और SSC (Tech): 2027 से, इन प्रविष्टियों को प्रस्तावित संयुक्त रक्षा सेवा तकनीकी परीक्षा (CDSTE) के माध्यम से मार्गदर्शित किया जाएगा, जो UPSC द्वारा आयोजित की जाएगी, जिससे SSB कॉल-अप अनुपात को कम किया जा सकेगा।
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NCC एंट्री: अब उम्मीदवारों को स्नातक अंक और NCC ‘C’ प्रमाणपत्र ग्रेडिंग के आधार पर बोनस मार्क्स सिस्टम का उपयोग करते हुए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिससे बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या में काफी कमी आएगी।
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TES एंट्री: TES को NDA लिखित परीक्षा के माध्यम से एकीकृत करने की योजना है, जिससे चयन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा।
उत्कृष्ट तारीख और केंद्र चयन में सुधार
उम्मीदवार अब दोनों का चयन करने में लचीलापन रखेंगे:
- SSB रिपोर्टिंग की तारीखें
- चयन केंद्र
इससे उम्मीद की जा रही है कि उम्मीदवारों का बोझ केंद्रों में अधिक समान रूप से वितरित होने लगेगा।
पारदर्शी प्रणाली की ओर
ये सुधार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हैं:
- SSB केंद्रों पर भीड़ को कम करना
- उम्मीदवारों के अनुभव में सुधार
- चयन में निष्पक्षता और दक्षता को बढ़ाना
सैनिक भर्ती को आधुनिक बनाना
यह पहल भारतीय सेना के भर्ती प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने और एक अधिक सुव्यवस्थित एवं उम्मीदवार-अनुकूल प्रणाली सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।