भारतीय नौसेना ने जून 2027 (एटी 27) पाठ्यक्रम के लिए अविवाहित पुरुष और अविवाहित महिला अभ्यर्थियों से शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह प्रशिक्षण केरल के एझिमला स्थित भारतीय नौसैनिक अकादमी में कराया जाएगा।
यह प्रवेश कार्यकारी, शिक्षा, इंजीनियरिंग, विद्युत और नौसैनिक निर्माणकर्ता शाखाओं के लिए खुला है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रारंभ में 12 वर्षों के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन दिया जाएगा, जिसे सेवा आवश्यकता और प्रदर्शन सहित अन्य शर्तों के आधार पर अधिकतम 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी
ऑनलाइन आवेदन 25 जून 2026 से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 27 जुलाई 2026 होगी। पाठ्यक्रम जून 2027 में शुरू होगा और प्रशिक्षण स्थल भारतीय नौसैनिक अकादमी, एझिमला, केरल रहेगा।
पात्रता शर्तें
अभ्यर्थियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित राष्ट्रीयता मानदंड पूरे करने होंगे। आवेदन केवल अविवाहित पुरुषों और महिलाओं के लिए स्वीकार किए जाएंगे। आयु सीमा शाखा के अनुसार अलग-अलग है और जन्म-तिथि की विशिष्ट सीमा तालिकाओं में दी गई है।
अधिकांश शाखाओं के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक के साथ अर्हक डिग्री आवश्यक है, जब तक कि अलग से कुछ और न कहा गया हो। प्रत्येक शाखा और संवर्ग के लिए शैक्षणिक योग्यता का विवरण अलग-अलग दिया गया है।
शाखा-वार विवरण
अधिसूचना में कार्यकारी शाखा, शिक्षा शाखा, तकनीकी शाखा और नौसैनिक निर्माणकर्ता से संबंधित कई पद शामिल हैं। कार्यकारी शाखा में कार्यकारी सामान्य सेवा, हाइड्रो संवर्ग, पायलट, नौसैनिक वायु संचालन अधिकारी, वायु यातायात नियंत्रक, रसद और नौसैनिक आयुध निरीक्षक संवर्ग शामिल हैं।
तकनीकी शाखा में इंजीनियरिंग शाखा, पनडुब्बी तकनीक इंजीनियरिंग, विद्युत शाखा, पनडुब्बी तकनीक विद्युत और नौसैनिक निर्माणकर्ता के पद शामिल हैं। शिक्षा शाखा में गणित, भौतिकी, मौसम विज्ञान, इतिहास और अन्य निर्दिष्ट विषयों में स्नातकोत्तर योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर दिए गए हैं।
जन्म-तिथि की सीमाएँ समावेशी हैं। पायलट, हाइड्रो, पर्यवेक्षक और वायु यातायात नियंत्रक प्रवेश के लिए अंग्रेजी में भी न्यूनतम 60 प्रतिशत की अतिरिक्त शर्त लागू है।
अन्य महत्वपूर्ण नोट
प्रत्येक शाखा में रिक्तियों की संख्या अस्थायी है और सेवा आवश्यकता तथा प्रशिक्षण स्लॉट की उपलब्धता के अनुसार बदली जा सकती है। कार्यकारी सामान्य सेवा, इंजीनियरिंग और विद्युत शाखा के लिए चुने गए पुरुष अभ्यर्थी, चिकित्सा, योग्यता और अन्य आवश्यक शर्तें पूरी करने पर पनडुब्बी शाखा के लिए भी स्वयंसेवा कर सकते हैं।
कार्यकारी सामान्य सेवा के तहत चुने गए अभ्यर्थियों को सफल प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद सेवा आवश्यकता के अनुसार रिमोट पायलट विमान विशेषज्ञता के लिए नामित किया जा सकता है। जिन मर्चेंट नेवी कर्मियों के पास निर्धारित सक्षम प्रमाणपत्र हैं, वे भी कुछ शर्तों के साथ कार्यकारी सामान्य सेवा या तकनीकी शाखा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक, या अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थी, जिनके कुल अंक या समकक्ष सीजीपीए निर्धारित मानकों के अनुसार हों, आवेदन कर सकते हैं। संस्थान, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय भारत सरकार द्वारा संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे जून 2027 में भारतीय नौसैनिक अकादमी में शामिल होने तक डिग्री पूरी होने का प्रमाण और आवश्यक प्रतिशत अंक प्रस्तुत कर सकें।
आवेदन की प्रक्रिया
सभी आवेदन केवल ऑनलाइन भरे जाएंगे और इसके लिए भारतीय नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। नए उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण करना होगा, फिर व्यक्तिगत, शैक्षिक और संपर्क विवरण भरने होंगे।
निर्देशों के अनुसार अंकपत्र, प्रमाणपत्र, फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन प्रतियाँ अपलोड करनी होंगी। प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए केवल एक आवेदन मान्य होगा। एक से अधिक आवेदन करने पर अभ्यर्थिता रद्द की जा सकती है।
अभ्यर्थियों को अपनी शाखा या संवर्ग वरीयता क्रम में बतानी होगी। किसी एक वरीयता में चयन न होने का अर्थ यह नहीं होगा कि अन्य वरीयताओं में स्वतः चयन हो जाएगा।
चयन प्रक्रिया
चयन के लिए आवेदनों की शॉर्टलिस्टिंग सामान्यीकृत अंकों या अर्हक डिग्री के अंकों के आधार पर की जाएगी। बीई या बी.टेक अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों के लिए पाँचवें सेमेस्टर तक के अंक, तथा एम.एससी., एमसीए और एम.टेक जैसे स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए पिछले सभी सेमेस्टरों के अंक माने जाएंगे।
शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को ईमेल या एसएमएस के माध्यम से SSB साक्षात्कार की तिथि और केंद्र की सूचना दी जाएगी। SSB साक्षात्कार में सामान्यतः मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह कार्य और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होते हैं।
SSB चरण पास करने वाले अभ्यर्थियों का भारतीय नौसेना के मानकों के अनुसार चिकित्सीय परीक्षण होगा। अंतिम मेरिट सूची SSB अंकों, चिकित्सीय फिटनेस और रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर तैयार की जाएगी।
चिकित्सा मानक और प्रशिक्षण
अभ्यर्थियों को भारतीय नौसेना के मानकों के अनुसार चिकित्सकीय रूप से फिट होना चाहिए। स्थायी शरीर-टैटू, यदि हों, तो नौसेना की नीति के अनुरूप होने चाहिए। चिकित्सीय अस्पताल या परीक्षण केंद्र बदलने की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं होगी।
चयनित अभ्यर्थियों को सब-लेफ्टिनेंट के पद पर शामिल किया जाएगा और एझिमला में प्रवेश चिकित्सा परीक्षण से गुजरना होगा। प्रशिक्षण अवधि शाखा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यतः यह 22 सप्ताह से लेकर एक वर्ष तक होती है, जिसके बाद आगे का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशिक्षण पूरा होने तक विवाह की अनुमति नहीं होगी। प्रशिक्षण के दौरान विवाह करने पर सेवा से हटाया जा सकता है और प्राप्त सभी वेतन तथा भत्ते लौटाने का दायित्व होगा। शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों के लिए प्रारंभिक परिवीक्षा अवधि तीन वर्ष की होगी।
वेतन और भत्ते
कमीशन पर पद सब-लेफ्टिनेंट का होगा। प्रारंभिक मूल वेतन लगभग 56,100 रुपये से शुरू होगा, साथ में अन्य भत्ते जैसे महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी मिलेंगे।
पनडुब्बी, पायलट, पर्यवेक्षक, वायु यातायात नियंत्रक और रिमोट पायलट विमान जैसी विशिष्टताओं के लिए चयन होने पर अतिरिक्त भत्ते दिए जाएंगे। वर्दी और उपकरण भत्ते भी मौजूदा नियमों के अनुसार प्रदान किए जाएंगे।
अन्य निर्देश
वैध एनसीसी ‘सी’ प्रमाणपत्र रखने वाले एनसीसी वायु या नौसेना विंग के अभ्यर्थियों को कुछ शर्तों के साथ कट-ऑफ अंकों में अधिकतम 5 प्रतिशत की छूट मिल सकती है। वैध वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस रखने वाले और निर्धारित जन्म-तिथि सीमा में आने वाले अभ्यर्थी, अन्य पात्रताओं के साथ, पायलट प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
SSB के दौरान मूल प्रमाणपत्र और अंकपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साक्षात्कार के दौरान किसी भी चोट के लिए कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी। यदि कोई अभ्यर्थी प्रशिक्षण छोड़ देता है या असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण हटाया जाता है, तो उसे सरकार द्वारा तय प्रशिक्षण लागत चुकानी पड़ सकती है।
यह भर्ती भारतीय नौसेना में युवाओं के लिए सेवा का अवसर प्रदान करती है। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता सावधानी से जांचकर समय सीमा से पहले ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए और चयन प्रक्रिया की सभी चरणों के लिए तैयारी करनी चाहिए।