सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने असम के दिनजान का दौरा कर भारतीय सेना की दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सेना की उच्च युद्ध तत्परता बनाए रखने, तकनीकी परिवर्तन को अपनाने और मानवीय सहायता प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने असम में जारी बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति का भी आकलन किया और कमांडरों को प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता जारी रखने के निर्देश दिए। यह यात्रा पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात परिचालन संरचनाओं की व्यापक समीक्षा का हिस्सा थी, जहां भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।
दिनजान में जनरल धीरज सेठ को दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन के नेतृत्व से उनकी मौजूदा तैयारियों, परिचालन क्षमताओं और मिशन प्रभावशीलता बढ़ाने के प्रयासों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुतियों में यथार्थवादी प्रशिक्षण, क्षमता वृद्धि और सैन्य अभियानों में उन्नत तकनीकों के समावेश पर विशेष जोर दिखाया गया।
समीक्षा का एक प्रमुख पहलू इन संरचनाओं की नई तकनीक अपनाने और स्वदेशी नवाचारों से जुड़ी पहल रही। सेना प्रमुख ने ऐसे कई प्रकल्प देखे, जिनका उद्देश्य परिचालन दक्षता बढ़ाना, युद्धक्षेत्र की जागरूकता मजबूत करना और आधुनिक तकनीकी समाधानों के जरिये सैन्य अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाना था।
उन्होंने इन संरचनाओं के प्रौद्योगिकी-सक्षम, चुस्त और भविष्य के लिए तैयार लड़ाकू बलों में रूपांतरित होने के प्रयासों की सराहना की। जनरल धीरज सेठ ने नवाचार को अपनाने और स्वदेशी तकनीकों को परिचालन योजना तथा क्रियान्वयन में शामिल करने की प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
तकनीक के समावेश पर दिया जा रहा जोर भारतीय सेना के उस व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है, जिसके तहत बल को नेटवर्क-सक्षम और डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कमांडर उभरती तकनीकों, स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत निगरानी प्रणालियों और स्वदेशी रक्षा नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने अधिकारियों, कनिष्ठ नेतृत्व और सैनिकों से भी बातचीत की। उन्होंने उनकी पेशेवर क्षमता, समर्पण और राष्ट्र की सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को स्वीकार किया तथा कठिन परिस्थितियों में उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखने के लिए उनकी सराहना की।
सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी रैंकों से सतर्क, परिचालन रूप से चुस्त और बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्षों में अनुकूलनशीलता, तकनीकी दक्षता और निरंतर सीखने की आवश्यकता और अधिक होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मनोबल, शारीरिक फिटनेस और मिशन तत्परता बनाए रखना तथा बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप परिचालन कौशल को लगातार उन्नत करना आवश्यक है। जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना की सबसे बड़ी शक्ति उसके अत्यधिक प्रेरित और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित कार्मिक हैं।
सैन्य तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ सेना प्रमुख ने असम में जारी बाढ़ राहत कार्यों की भी जानकारी ली। बाढ़ प्रभावित कई क्षेत्रों में सेना की संरचनाएं नागरिक प्रशासन की मदद करते हुए बचाव, निकासी और मानवीय सहायता कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
सेना ने फंसे हुए लोगों को निकालने, आवश्यक सामग्री पहुंचाने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में संपर्क बहाल करने के लिए सैनिकों, अभियांत्रिकी संसाधनों, नावों और विशेष उपकरणों की तैनाती की है। इन प्रयासों से प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिक प्रशासन के साथ खड़े रहने की भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता फिर सामने आई है।
राहत कार्यों की समीक्षा के बाद जनरल धीरज सेठ ने गठन कमांडरों को बाढ़ प्रभावित समुदायों को हरसंभव सहायता देने और राज्य अधिकारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में काम जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता सेना की जिम्मेदारियों का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने राहत अभियानों में जुटे सैनिकों की समर्पण भावना की सराहना की और चुनौतीपूर्ण मौसम तथा परिचालन परिस्थितियों के बावजूद प्रभावित परिवारों की मदद में उनके निःस्वार्थ सेवा भाव को मान्यता दी। उनके त्वरित प्रयासों से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने और समय पर बचाव अभियान चलाने में मदद मिली है।
दिनजान का यह दौरा भारतीय सेना की उस दोहरी भूमिका को रेखांकित करता है, जिसमें वह एक तैयार युद्ध बल होने के साथ-साथ मानवीय संकट के समय भरोसेमंद सहायक के रूप में भी खड़ी रहती है। सेना तकनीकी नवाचार और स्वदेशी विकास के जरिये अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है।
जनरल धीरज सेठ की यह समीक्षा भारतीय सेना की उस व्यापक दृष्टि को सामने रखती है, जिसके तहत एक आधुनिक, चुस्त और भविष्य के लिए तैयार बल का निर्माण किया जा रहा है। दाओ डिवीजन और स्पीयरहेड डिवीजन जैसी संरचनाएं परिचालन उत्कृष्टता और मानवीय प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर रही हैं।