कालेज ऑफ डिफेन्स मैनेजमेंट, सिकंदराबाद के संकाय सदस्यों ने लखनऊ स्थित आर्मी मेडिकल कॉलेज एवं केंद्र में मेडिकल आफिसर्स सीनियर कमांड कोर्स (MOSCC-138) में भाग ले रहे 45 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के लिए वित्तीय प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और मित्र विदेशी देशों के अधिकारी शामिल थे।
इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों की वित्तीय प्रबंधन और संसाधन प्रशासन संबंधी समझ को मजबूत करना था। इसके जरिए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को अपने परिचालन और चिकित्सकीय दायित्वों के साथ-साथ वित्तीय जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए आवश्यक ज्ञान दिया गया।
सत्रों के दौरान सीडीएम के संकाय सदस्यों ने सशस्त्र बलों में बजट प्रक्रिया और रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक खरीद से जुड़े सिद्धांतों पर विस्तार से व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में वित्तीय योजना, बजट आवंटन, व्यय प्रबंधन और उन खरीद प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, जो सैन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालन को समर्थन देती हैं।
इस प्रशिक्षण का एक प्रमुख विषय सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम के माध्यम से खरीद रहा। संकाय सदस्यों ने बदलती खरीद व्यवस्था, वस्तुओं और सेवाओं की पारदर्शी तथा दक्ष खरीद की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं और रक्षा संगठनों में जवाबदेही, लागत-प्रभावशीलता तथा संचालन दक्षता बढ़ाने में डिजिटल खरीद मंचों की भूमिका पर चर्चा की।
इन सत्रों में उपस्थित अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी की और सैन्य चिकित्सा संस्थानों में वित्तीय प्रशासन, खरीद योजना तथा संसाधनों के उपयोग से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। इस संवादात्मक प्रारूप ने प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने और सशस्त्र बलों में वर्तमान वित्तीय प्रबंधन प्रक्रियाओं की गहरी समझ हासिल करने का अवसर दिया।
कार्यक्रम ने वरिष्ठ सैन्य चिकित्सा अधिकारियों की बढ़ती जिम्मेदारियों को रेखांकित किया, जिनकी भूमिका अब केवल चिकित्सकीय सेवा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि प्रशासन, वित्तीय निगरानी और संस्थागत प्रबंधन तक विस्तृत हो गई है। बजट और खरीद की समझ को मजबूत कर इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें सूचित वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाना और सार्वजनिक संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना था।
यह पहल रक्षा व्यय में मूल्य-सापेक्षता के सिद्धांतों के महत्व को भी रेखांकित करती है और परिचालन तत्परता तथा स्वास्थ्य सेवा को समर्थन देने के लिए विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल देती है। साथ ही, यह सशस्त्र बलों के अधिकारियों में विशेष पेशेवर शिक्षा के माध्यम से प्रबंधन और नेतृत्व कौशल विकसित करने की कालेज ऑफ डिफेन्स मैनेजमेंट की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस कार्यक्रम ने सशस्त्र बलों के उस दृष्टिकोण की पुष्टि की, जिसके तहत ऐसे बहुआयामी नेताओं का निर्माण किया जा रहा है जो पेशेवर विशेषज्ञता के साथ-साथ सुदृढ़ प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन क्षमता भी रखते हों। इससे सैन्य संस्थान परिचालन रूप से प्रभावी, वित्तीय रूप से जवाबदेह और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बने रहें।