अफसर प्रशिक्षण अकादमी, गया में 12 अगस्त 2026 को कर्नल नम्रता राठौरे, वीएसएम ने एक प्रेरक अतिथि व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान उनके माउंट एवरेस्ट अभियान के अनुभवों पर केंद्रित था और इसमें नेतृत्व, दृढ़ता तथा मिशन पूरा करने से जुड़े सबक साझा किए गए।
माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक शिखर तक पहुंचने के अपने अनुभव से उन्होंने ऊंचाई वाले पर्वतारोहण की शारीरिक और मानसिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में काम करते समय संकल्प, तैयारी और दबाव के बीच एकाग्र बने रहना कितना आवश्यक है।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने चुनौतीपूर्ण हालात में नेतृत्व के महत्व पर जोर दिया। कर्नल नम्रता राठौरे ने कहा कि प्रभावी नेताओं को आत्मविश्वास दिखाना चाहिए, कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखना चाहिए और अपनी टीमों को विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मोटिवेशन और इच्छाशक्ति भी इस संवाद के प्रमुख विषय रहे। एवरेस्ट अभियान के अनुभव ने यह उदाहरण पेश किया कि निरंतर दृढ़ता और आत्मविश्वास कैसे उन बाधाओं को भी पार करने में मदद कर सकते हैं, जो शुरुआत में असंभव लगती हैं।
इस सत्र ने अफसरों को अपने निर्धारित मिशनों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कर्नल नम्रता राठौरे ने उनसे चुनौती को आत्मविश्वास और धैर्य के साथ स्वीकार करने तथा पेशेवर मानकों और स्पष्ट लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने का आग्रह किया।
व्याख्यान में कठिन परिस्थितियों में टीमवर्क और आपसी भरोसे के महत्व को भी रेखांकित किया गया। पर्वतारोहण से मिली सीख, जहां सुरक्षा और सफलता के लिए समन्वय तथा सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक होती है, सैन्य नेतृत्व और अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण समानताएं प्रस्तुत करती है।
कर्नल नम्रता राठौरे के इस संवाद ने अफसर कैडेटों को वास्तविक अनुभवों से सीखने का अवसर दिया और यह समझने में मदद की कि दृढ़ता, साहस, आत्मविश्वास और संकल्प जैसी विशेषताएं प्रभावी नेतृत्व को कैसे आकार देती हैं।
प्रेरक सत्र का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि गर्व, आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता के साथ नेतृत्व किया जाए। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे इन मूल्यों को अपने पेशेवर जीवन में अपनाएं और अपने निर्धारित मिशनों को पूरा करने के लिए दृढ़ बने रहें।