नई दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ मिलिट्री लॉ में आयोजित जज एडवोकेट एडवांस कोर्स का 11 अगस्त 2026 को समापन हो गया। समापन समारोह के साथ भारत और नेपाल के अधिकारियों के लिए उन्नत विधिक प्रशिक्षण का सफल समापन दर्ज किया गया।
इस पाठ्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ नेपाल सेना के एक अधिकारी ने भी भाग लिया। प्रतिभागियों को सैन्य तथा संबद्ध कानूनों की उन्नत अवधारणाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई ने की। इस अवसर पर उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया और सशस्त्र बलों तथा अन्य वर्दीधारी संगठनों के प्रभावी संचालन में विशेष विधिक प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
यह कोर्स प्रतिभागियों को सैन्य कानून और संबद्ध विधिक ढांचों की समझ को और गहरा करने का अवसर प्रदान करता है। विभिन्न सेवाओं और संगठनों के अधिकारियों की भागीदारी से अंतर-सेवा अनुभव का विस्तार भी हुआ और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विधिक विषयों की व्यापक समझ विकसित हुई।
मेजर प्रशांत के मुकुंदन को प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनके प्रदर्शन के लिए कोर्स का सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी घोषित किया गया। उनके इस प्रदर्शन ने पाठ्यक्रम में शामिल उन्नत अवधारणाओं की उनकी पेशेवर दक्षता और समझ को दर्शाया।
इंस्टिट्यूट ऑफ मिलिट्री लॉ सैन्य न्याय और उससे जुड़े विधिक मामलों से निपटने वाले कर्मियों को विशेष विधिक शिक्षा और प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जज एडवोकेट एडवांस कोर्स जैसे कार्यक्रम विधिक अधिकारियों को पेशेवर रूप से सक्षम बनाते हैं, ताकि वे सूचित विधिक परामर्श दे सकें और कमांडरों तथा संरचनाओं को सहयोग कर सकें।
नेपाल सेना के एक अधिकारी की भागीदारी ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी दिया और सैन्य तथा संबद्ध विधिक विषयों पर पेशेवर संवाद तथा विचारों के आदान-प्रदान का अवसर उपलब्ध कराया।
इस कोर्स का सफल समापन भारत की सशस्त्र सेनाओं और सुरक्षा संगठनों में सतत पेशेवर विकास, विधिक जागरूकता और संस्थागत क्षमता निर्माण पर दिए जा रहे जोर को भी दर्शाता है।