Border Security Force (BSF) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित BSF अकादमी में अपने पहले सभी महिला “Durga Drone Squadron” का गठन किया है। यह कदम तकनीकी प्रगति और लिंग समावेशिता की दिशा में एक मील का पत्थर है।
महिलाओं को प्रौद्योगिकी के माध्यम से सशक्त बनाना
इस सभी महिला यूनिट का नाम देवी दुर्गा पर रखा गया है, जो शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक हैं। यह गठन आवाजाही में महिलाओं को शामिल करने का साहसिक कदम है, जिसमें स्वायत्त प्रणालियों और ड्रोन-आधारित निगरानी शामिल है। यह भारत के सुरक्षा ढांचे में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां प्रौद्योगिकी और लिंग सशक्तीकरण एक साथ मिलकर सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाते हैं।
प्रशिक्षण और विशेषज्ञता
Durga Drone Squadron में शामिल महिला अधिकारियों ने SDW, जो कि भारत के सबसे उन्नत Unmanned Aerial Systems (UAS) और काउंटर-ड्रोन युद्ध के केंद्रों में से एक है, में कठोर प्रशिक्षण लिया। उनके पाठ्यक्रम में शामिल हैं:
- वायुमंडलीय निगरानी और फोटोग्रामेट्री
- पेलोड इंटीग्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मीज़र्स
- स्थल विश्लेषण और प्रवेश पता लगाने के सिमुलेशन
- वास्तविक समय की खुफिया जानकारी संग्रहण और रात की ऑपरेशंस
विशेषीकृत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि इस स्क्वाड्रन की तत्परता बहुआयामी मिशनों के लिए हो, जो कि मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी अभियानों और सीमा की पुनः जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदाओं के जवाब और सामरिक निगरानी भी सामिल हैं।
स्वदेशी प्रौद्योगिकी और आधुनिक युद्ध
Durga Squadron को स्वदेशी लंबे समय तक चलने वाले UAVs और VTOL (Vertical Take-Off and Landing) ड्रोन से लैस किया गया है। ये ड्रोन ऐसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में ऑपरेट करेंगे जहां मैन्युअल गश्त करना जोखिम भरा या असामान्य है। ये ड्रोन Make in India पहल के अंतर्गत विकसित किए गए हैं, जो अन्य अर्धसैनिक और रक्षा प्रणालियों के साथ आपसी कार्यक्षमता सुनिश्चित करते हैं।
रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व
BSF अधिकारियों ने Durga Drone Squadron को एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक नवाचार के रूप में सराहा है। रणनीतिक रूप से, यह BSF की वायुमंडलीय खुफिया और निगरानी क्षमता को बढ़ाता है। प्रतीकात्मक रूप से, यह भारत की सीमा सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
भविष्य का विस्तार
इस पहल की सफलता के बाद, BSF योजना बना रहा है कि वह 2026 तक अन्य सीमांत कमांडों में इस मॉडल को दोहराएगा, जिससे ग्वालियर SDW से जुड़े क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्रों का एक जाल स्थापित होगा। इससे BSF के इलेक्ट्रॉनिक खुफिया सिस्टम के साथ एक एकीकृत ड्रोन-आधारित निगरानी ग्रिड संभव होगा।
सीमा सुरक्षा में एक नई Era
Durga Drone Squadron का गठन BSF का समकालिकता, नवाचार और समावेशिता के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह भारत की सीमा सुरक्षा के सिद्धांत में एक नई युग की शुरुआत करता है—जहां महिलाएं उच्च तकनीकी निगरानी और स्थिति जागरूकता में प्रमुख भूमिका निभाती हैं, जो राष्ट्र की आत्मनिर्भरता और संचालनात्मक उत्कृष्टता को मजबूत करती हैं।