गोपालपुर के आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज (AADC) में 23 मार्च 2026 को सीआईएसएफ कर्मियों के लिए दो सप्ताह का एंटी-आरपीएएस (Remotely Piloted Aircraft Systems) पाठ्यक्रम समाप्त हुआ।
उभरते ड्रोन खतरों पर ध्यान
इस पाठ्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को विकसित हो रहे UAS (Unmanned Aerial Systems) खतरे के परिदृश्य पर प्रशिक्षित किया गया, जिसमें आधुनिक ड्रोन युद्ध में प्रयुक्त नवीनतम तकनीक और रणनीतियाँ शामिल थीं।
काउंटर-UAS सिस्टम पर प्रशिक्षण
सीआईएसएफ कर्मियों को उन्नत काउंटर-UAS (C-UAS) सिस्टम्स से हाथों-हाथ अनुभव प्राप्त हुआ, जिसमें दुश्मन ड्रोन का पता लगाने, ट्रैक करने और न्यूट्रलाइज़ करने के प्रभावी तरीके सिखाए गए।
संयुक्त क्षमता को मजबूत करना
यह प्रशिक्षण सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के बीच संयुक्तता और निर्बाध समन्वय पर बल देता है, जिससे उभरते हवाई खतरों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है।
सुरक्षा की तैयारी को बढ़ाना
इस कार्यक्रम ने कर्मियों को अत्याधुनिक कौशल और परिचालन ज्ञान से सुसज्जित किया, जिससे उनकी ड्रोन-आधारित खतरों का मुकाबला करने की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया गया।
यह पाठ्यक्रम भारत के बढ़ते ध्यान को दर्शाता है जो काउंटर-ड्रोन युद्ध और बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा तैयारी पर केंद्रित है।