भारतीय वायु सेना (IAF) ने 14 अक्टूबर 2025 को भारतीय महासागर क्षेत्र में रॉयल नेवी के साथ एक उच्च-स्तरीय संयुक्त अभ्यास किया। इस अभ्यास में Sukhoi-30 MKIs, Jaguars, AWACS, और AEW&C विमानों के साथ-साथ HMS Prince of Wales से F-35B लड़ाकू विमान शामिल थे।
अभ्यास का उद्देश्य
यह अभ्यास संयुक्त वायु सेनाओं के बीच अंतर-एकरूपता, ऑपरेशनल समन्वय, और आपसी विश्वास को बढ़ाने पर केंद्रित था। इसके साथ ही, यह क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के प्रति एक सामूहिक प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करता है।
अभ्यास की कार्यप्रणाली
अभ्यास के दौरान विभिन्न मिशन प्रोफाइल, जैसे वायु युद्ध अभ्यास, अन्वेषण संचालन, और एकीकृत बेड़े का समन्वय, को लागू किया गया। इसने IAF की क्षमता को प्रदर्शित किया कि वह एक जटिल समुद्री थियेटर में उन्नत विदेशी प्लेटफार्मों के साथ निर्बाध संचालन कर सकता है।
रणनीतिक महत्व
यह संयुक्त प्रशिक्षण भारत के सहयोगी नौसेनाओं और वायु सेनाओं के साथ बढ़ती रक्षा साझेदारी को दर्शाता है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अनेक-क्षेत्रीय अभ्यासों के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।