भारतीय नौसेना ने 30 मार्च 2026 को स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है, जब उसे Project 17A के अंतर्गत निर्मित नीलगिरी-कक्षा का पांचवां जहाज INS Dunagiri प्राप्त हुआ। यह पोत गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में वितरित किया गया, जिससे भारत की रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता के प्रयासों को मजबूती मिली है।
एक नई पीढ़ी का स्टेल्थ युद्धपोत
INS Dunagiri (Yard 3023) GRSE में निर्मित Project 17A का दूसरा फ्रिगेट है और यह स्वदेशी नौसैनिक डिज़ाइन में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें निम्नलिखित उन्नत विशेषताओं का समावेश किया गया है:
- स्टेल्थ तकनीक
- युद्ध क्षमता
- स्वचालन और जीवित रहने की क्षमता
यह युद्धपोत पूर्व के INS Dunagiri का पुनर्जन्म है, जो 1977 से 2010 तक देश की सेवा में रहा।
उन्नत डिज़ाइन और क्षमताएँ
युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किए गए Project 17A के फ्रिगेट बहु-मिशन प्लेटफॉर्म हैं, जो वर्तमान और भविष्य की समुद्री चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- CODOG प्रोपल्शन सिस्टम (Combined Diesel or Gas)
- Controllable Pitch Propellers (CPP)
- Integrated Platform Management System (IPMS)
शक्तिशाली हथियार और संवेदक
INS Dunagiri को आधुनिक युद्ध सूट से लैस किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
- BrahMos सतह-से-सतह मिसाइलें
- MF-STAR रडार और MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम
- 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट
- नज़दीकी हथियार प्रणाली (30 मिमी और 12.7 मिमी)
- एंटी-सबमरीन युद्ध प्रणाली जिसमें रॉकेट और टॉरपीडो शामिल हैं
तेज निर्माण और स्वदेशी शक्ति
इस फ्रिगेट का निर्माण 80 महीनों में पूरा किया गया, जो इस कक्षा के पहले जहाज INS Nilgiri के 93 महीनों की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से तेज है, जो स्वदेशी जहाज निर्माण में उन्नत दक्षता को दर्शाता है।
इस परियोजना में 75% का स्वदेशीकरण स्तर शामिल था, जिसने:
- 200 से अधिक MSMEs को शामिल किया
- लगभग 4,000 कर्मियों के लिए प्रत्यक्ष नौकरी उत्पन्न की
- 10,000 से अधिक अप्रत्यक्ष नौकरियों का समर्थन किया
वैज्ञानिक महत्व
INS Dunagiri का वितरण पिछले 16 महीनों में Project 17A के अंतर्गत निर्माणाधीन पांचवें जहाज का रूपांतरण है, जो भारत की उन्नत युद्धपोत बनाने की क्षमता को बढ़ाने का संकेत देता है।
निष्कर्ष
INS Dunagiri का परिचय भारत की नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह भारतीय नौसेना के Aatmanirbhar Bharat पर निरंतर ध्यान के प्रति प्रतिबिंबित करता है, जो राष्ट्र की डिज़ाइन, इंजीनियरिंग और जहाज निर्माण की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।