लुटिनेंट जनरल प्रदीप शर्मा, भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के कमांडर ने जमीनी और कश्मीर में विकसित हो रही सुरक्षा स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हुए वर्चुअल मोड में साप्ताहिक जॉइंट कंट्रोल सेंटर की सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
बैठक में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और श्रीनगर तथा जम्मू डिवीजनों के अन्य प्रमुख सुरक्षा हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक समग्र सुरक्षा दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बैठक में खुफिया साझा करने के तंत्र को मजबूत करने, संयुक्त ऑपरेशनल तैयारियों को बढ़ाने और उभरते आतंकवादी खतरों का सामना करने के लिए इंटर-एजेंसी सहयोग को सुधारने पर चर्चा की गई। इस फोरम ने चल रही आतंकवाद विरोधी उपायों की समीक्षा की और विभिन्न ऑपरेशनल स्तरों पर समन्वय की प्रभावशीलता का आकलन किया।
सेना के कमांडर ने आतंकवादी नेटवर्क पर दबाव बनाए रखने और पूरे क्षेत्र में निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच निर्बाध सहयोग, समय पर खुफिया विनिमय और सक्रिय योजना बनाने के महत्व पर जोर दिया। बैठक ने सभी हितधारकों की मजबूत और एकीकृत आतंकवाद विरोधी ढांचे के प्रति संयुक्त प्रतिबद्धता की पुष्टि की।