लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, PVSM, UYSM, AVSM, जो कि साउदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ हैं, ने अग्निबाज़ डिवीजन का दौरा किया। यह दौरा डिवीजन की संचालन तत्परता और विकसित युद्ध क्षमताओं की समीक्षा के लिए किया गया।
दौरे के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ को फॉर्मेशन की उन्नत इमेजरी इंटरप्रिटेशन, इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रीकॉनिसेंस (ISR), तथा टार्गेटिंग आर्किटेक्चर के बारे में जानकारी दी गई। ये सिस्टम वास्तविक समय में इंटेलिजेंस को एकीकृत करने में सक्षम हैं, जिससे लड़ाई के मैदान में जागरूकता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।
आर्मी कमांडर ने आर्टिलरी रेजिमेंट के भीतर नई स्तरों और हाल की अधिग्रहणों की भी समीक्षा की, जो भारतीय सेना के एक अधिक चुस्त, जुड़े हुए और भविष्य के लिए तत्पर बल में रूपांतरण का प्रतिनिधित्व करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सभी रैंक के सदस्यों की पेशेवरिता और अडिग प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने टेक्नोलॉजी-सक्षम तैयारियों, तेज स्थिति जागरूकता, और प्रतिक्रियाशील युद्ध समर्थन प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने दोहराया कि उन्नत तकनीकों और इंटेलिजेंस-आधारित संचालन का एकीकरण भविष्य के संघर्षों में युद्धक्षेत्र में श्रेष्ठता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण रहेगा।
यह दौरा भारतीय सेना के कार्यक्षमता के आधुनिकीकरण और प्रौद्योगिकी-सक्षम तथा संचालनात्मक रूप से मजबूत बल के निर्माण की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।