भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने 15 से 16 दिसंबर, 2025 तक ‘Winged Raider’ नामक एक उच्च तीव्रता वाली एयरबोर्न अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया, जो उसके विकसित ऑपरेशनल और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करने की तत्परता को प्रदर्शित करता है।
अभ्यास के अंतर्गत, विशेषज्ञ एयरबोर्न सैनिकों ने मजुली द्वीप ड्रॉप ज़ोन (DZ) पर जटिल इन्सर्शन तकनीकों का एक श्रृंखला का निष्पादन किया। इनमें Combat Free Fall (CFF) जंप, Guided Para Aerial Delivery System (GPADS) ड्रॉप्स और C-130J Hercules परिवहन विमान से Static-Line पैराशूट जंप शामिल थे, जो भारतीय वायुसेना के द्वारा संचालित किए गए।
इस अभ्यास का उद्देश्य सामूहिक ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना, तेजी से बलों की तैनाती करना और विविध एवं चुनौतीपूर्ण भौतिक स्थितियों में सैनिकों और उपकरणों की सटीक इन्सर्शन करना था। मजुली द्वीप की अनोखी भौगोलिक परिस्थितियों ने निकट-युद्ध स्थितियों में एयरबोर्न तकनीकों, समन्वय और लॉजिस्टिक्स को मान्य करने के लिए एक वास्तविकता की तरह का वातावरण प्रदान किया।
वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने इस अभ्यास का अवलोकन किया और भाग लेने वाले सैनिकों द्वारा प्रदर्शित पेशेवरता, समन्वय और उच्च ऑपरेशनल मानकों की प्रशंसा की। ‘Winged Raider’ का सफल निष्पादन स्पीयर कॉर्प्स की युद्ध तत्परता, ऑपरेशनल लचीलापन, और राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों के समर्थन में त्वरित एयरबोर्न ऑपरेशनों को अंजाम देने की क्षमता को रेखांकित करता है।
यह अभ्यास भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध की तैयारी, सामूहिकता, और विशेष रूप से रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में शीघ्र प्रतिक्रिया क्षमताओं पर लगातार जोर देने की पुष्टि करता है।