राष्ट्रीय कैडेट कोर की बालिका कैडेटों के उच्च हिमालयी अभियान ‘अपराजिता: परांग ला 2026’ के सदस्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मिले। यह मुलाकात उस कठिन अभियान की सफल समाप्ति का प्रतीक रही, जिसे राष्ट्रीय कैडेट कोर की बालिका कैडेटों ने पूरा किया था।
यह अभियान राष्ट्रीय कैडेट कोर की एक पहल के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवा महिलाओं में साहसिक भावना, दृढ़ता और नेतृत्व को बढ़ावा देना था। इस दौरान कैडेटों ने परांग ला दर्रे को सफलतापूर्वक पार किया, जो हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है।
यात्रा के दौरान इन युवा कैडेटों को अत्यंत कठिन उच्च-ऊंचाई वाले भूभाग से गुजरना पड़ा। उन्होंने हिमनदों, विस्तृत बर्फीले मैदानों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों और नदी घाटियों को पार किया। इस अभियान ने उनकी शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता, टीमवर्क और कठिन हिमालयी परिस्थितियों में काम करने की क्षमता की परीक्षा ली।
परांग ला स्पीति और लद्दाख के बीच पारंपरिक मार्ग पर स्थित एक ऊंचा पर्वतीय दर्रा है। ऐसे में इसका सफलतापूर्वक पार किया जाना भाग लेने वाली एनसीसी बालिका कैडेटों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
राष्ट्रपति भवन में हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभियान के सदस्यों को बधाई दी और ऐसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवा महिलाओं को स्वयं को चुनौती देने और अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि ‘अपराजिता: परांग ला 2026’ जैसी पहल अधिक से अधिक बालिकाओं को अपनी क्षमता तलाशने, चुनौतियों से पार पाने और बड़ी उपलब्धियों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
यह सफल अभियान एनसीसी में साहसिक गतिविधियों के उस जोर को भी दर्शाता है, जिसके माध्यम से कैडेटों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और संकल्प की भावना विकसित की जाती है।
राष्ट्रपति से हुई यह मुलाकात अभियान के लिए एक यादगार समापन बनी, जिसमें हिमालय की कठिन उच्च-ऊंचाई वाली राहों में परांग ला को पार करने के दौरान दिखाई गई साहस और दृढ़ता को मान्यता मिली।