सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों से सेवानिवृत्त अधिकारियों के संगोष्ठी के दौरान मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्र और संगठन के प्रति उनके निःस्वार्थ सेवा-भाव की सराहना की। जनरल धीरज सेठ ने उनके विशिष्ट सेवा-कार्य के लिए बधाई दी और उनके वर्षों के योगदान को मान्यता दी।
सेना प्रमुख ने कहा कि वर्दी से बाहर होने के बाद भी अधिकारी योद्धा बने रहेंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सेना से सेवानिवृत्ति के साथ राष्ट्र-सेवा का उनका संबंध समाप्त नहीं होता।
जनरल धीरज सेठ ने अधिकारियों से आग्रह किया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देते रहें। उन्होंने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए वर्दी के बाद भी सेवा-भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
सेवानिवृत्त अधिकारियों के संगोष्ठी ने भारतीय सेना में अपना करियर पूरा कर रहे अधिकारियों की सेवा को सम्मान देने का अवसर प्रदान किया। इस दौरान सेना प्रमुख ने उनके राष्ट्र और संगठन के प्रति समर्पण को स्वीकार किया।
सेना प्रमुख ने 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्ति के निकट पहुंचे अधिकारियों को फिर से बधाई दी और उनके निःस्वार्थ योगदान की प्रशंसा की। समापन पर उन्होंने उन्हें समाज और राष्ट्र के लिए योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित किया।