भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास NOMADIC ELEPHANT 2026 का 18वां संस्करण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में जारी है। इसमें भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जवान संयुक्त रूप से कई गहन प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
यह द्विपक्षीय अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच परस्पर कार्यक्षमता, सामरिक दक्षता और आपसी समझ को बढ़ाने पर केंद्रित है। चल रहे प्रशिक्षण में हथियार संचालन, आबादी वाले क्षेत्रों में अभियान, निकट युद्ध कौशल और दोनों दलों के सैन्य तरीकों का आदान-प्रदान शामिल है।
अभ्यास के तहत मंगोलियाई सशस्त्र बलों के कर्मियों को छोटे हथियारों के संचालन और फायरिंग का प्रशिक्षण दिया गया। इन सत्रों में हथियारों की पहचान, सुरक्षा अभ्यास, लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया, निशाना लगाने की तकनीक और वास्तविक फायरिंग अभ्यास शामिल थे।
व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से मंगोलियाई सैनिकों ने हथियार प्रणालियों से परिचित होने के साथ सुरक्षित, आत्मविश्वासपूर्ण और अनुशासित संचालन का अनुभव प्राप्त किया। भारतीय सेना के जवानों ने अपने मंगोलियाई समकक्षों को प्रक्रियाओं और फायरिंग अभ्यास में मार्गदर्शन दिया।
भारतीय सेना की टुकड़ी ने आबादी वाले क्षेत्रों में अभियान के लिए तैयार रूम इंटरवेंशन ड्रिल्स का भी प्रदर्शन किया। इसमें कमरों में व्यवस्थित प्रवेश, क्षेत्र को सुरक्षित करने की प्रक्रिया, समन्वित गति, टीम सदस्यों के बीच संचार, फायर अनुशासन और घायल को सुरक्षित निकालने की तकनीक शामिल थी।
इन अभ्यासों में सीमित और संभावित रूप से शत्रुतापूर्ण माहौल में काम करते समय सटीकता, टीमवर्क और परिस्थितिजन्य जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया गया। प्रदर्शन के बाद मंगोलियाई सशस्त्र बलों के कर्मियों ने भारतीय सेना के जवानों के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण में भाग लिया, जिससे दोनों पक्षों को परिचालन तरीकों का आदान-प्रदान करने और सामरिक स्तर की परस्पर कार्यक्षमता को मजबूत करने का अवसर मिला।
मंगोलियाई दल ने भारतीय सेना के कर्मियों को मंगोलिया की युद्ध परंपरा के कुछ तत्वों से भी परिचित कराया। इसके तहत मंगोलियाई शास्त्रीय कुश्ती, जिसे बोख कहा जाता है, और निहत्थे मुकाबले की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
इन प्रदर्शनों में पारंपरिक कुश्ती के तरीके, नियंत्रित पकड़ और निकट युद्ध से जुड़े ऐसे आंदोलन शामिल थे, जिनमें शक्ति, फुर्ती और अनुशासन की आवश्यकता होती है। इन गतिविधियों ने भारतीय सैनिकों को मंगोलिया की पुरानी युद्ध परंपराओं की झलक दी और शारीरिक सहनशक्ति तथा युद्धक्षेत्र में टिके रहने की क्षमता से जुड़े कौशल को भी सामने रखा।
सामरिक प्रशिक्षण के अलावा, संयुक्त गतिविधियों ने दोनों सेनाओं के कर्मियों को पेशेवर संवाद और पारस्परिक सीख का अवसर भी दिया। सैन्य तकनीकों और युद्ध परंपराओं के इस आदान-प्रदान से भारतीय और मंगोलियाई दलों के बीच आपसी सौहार्द भी और मजबूत हुआ है।
NOMADIC ELEPHANT अभ्यास भारतीय सेना और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के लिए साथ मिलकर प्रशिक्षण करने, परिचालन अनुभव साझा करने और संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय से काम करने की क्षमता सुधारने का एक महत्वपूर्ण मंच है। 2026 संस्करण व्यावहारिक क्षेत्रीय प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान के माध्यम से भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग तथा सैन्य संबंधों को और गहरा कर रहा है।