सेंटर फॉर मिलिटरी डेंटल एक्सीलेंस (सीएमडीसी) ने 25 और 26 सितंबर, 2026 को “डिजिटाइजेशन एवं सैन्य दंत चिकित्सा: चुनौतियां और आगे की राह” विषय पर दो दिवसीय सतत दंत शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी कमान ने किया। यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित हुआ, जिसमें सेवारत और सेवानिवृत्त दंत अधिकारी तथा असैन्य दंत पेशेवर शामिल हुए।
इस सतत दंत शिक्षा कार्यक्रम में सैन्य दंत चिकित्सा में डिजिटाइजेशन, आधुनिक दंत अभ्यास में डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों तथा आगे की राह पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सेवारत और सेवानिवृत्त दंत अधिकारियों तथा असैन्य दंत पेशेवरों के लिए अकादमिक चर्चा और ज्ञान-विनिमय का मंच भी बना।
लेफ्टिनेंट जनरल बलकृष्णन जयन, महानिदेशक दंत चिकित्सा सेवाएं और कर्नल कमांडेंट, आर्मी डेंटल कॉर्प्स ने आधुनिक दंत चिकित्सा में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वर्चुअल योजना और डिजिटल कार्यप्रवाह किस तरह आधुनिक दंत चिकित्सा को बदल रहे हैं और रोगी देखभाल को बेहतर बना रहे हैं।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चाएं, संगोष्ठियां, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं और पोस्टर प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन गतिविधियों ने डिजिटाइजेशन और सैन्य दंत चिकित्सा पर विचार-विमर्श के लिए एक शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराया।
कार्यक्रम का एक हिस्सा डिजिटल एरिना भी रहा, जिसमें एआई आधारित मुख स्वास्थ्य स्कैनर, बायोप्रिंटर और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी ने सैन्य दंत चिकित्सा में डिजिटल नवाचार के बढ़ते एकीकरण को सामने रखा।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम ने सेवारत और सेवानिवृत्त दंत अधिकारियों तथा असैन्य दंत पेशेवरों को एक साथ लाया। हाइब्रिड मोड में उनकी भागीदारी ने आधुनिक सैन्य दंत चिकित्सा पर केंद्रित शैक्षणिक गतिविधियों को और व्यापक बनाया।
समापन पर यह कार्यक्रम वैज्ञानिक सत्रों, चर्चाओं, प्रतियोगिताओं और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों के साथ पूरा हुआ। पूरे आयोजन में डिजिटल नवाचार और सैन्य दंत चिकित्सा के बढ़ते मेल को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।