सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीण कुमार, आईपीएस ने गुजरात के गांधीनगर स्थित सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सम्मेलन के दौरान भारत की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैयारियों और सीमा प्रबंधन की समीक्षा की।
सम्मेलन का मुख्य जोर सीमा सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने तथा गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा अवसंरचना के विकास, घुसपैठ-रोधी उपायों, सीमापार तस्करी और सीमा क्षेत्र में उभर रही चुनौतियों सहित कई परिचालन और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।
विचार-विमर्श के दौरान महानिदेशक ने मानव संसाधन, आधुनिक तकनीक और उपयोगी खुफिया जानकारी के संतुलित उपयोग के माध्यम से संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में प्रभावी प्रभुत्व बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने इकाइयों को अन्य सुरक्षा एजेंसियों, बलों और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि सीमा पर खतरों का एकीकृत जवाब सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सीमापार मादक पदार्थ तस्करी को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार के 2029 तक “नशा मुक्त भारत” के लक्ष्य को दोहराते हुए प्रवीण कुमार ने मादक पदार्थों की सीमापार तस्करी में शामिल नेटवर्क की पहचान, बाधित करने और ध्वस्त करने के लिए निरंतर तथा समन्वित अभियानों का आह्वान किया।
सीमा सुरक्षा बल पश्चिमी सीमा पर निगरानी और परिचालन क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है, क्योंकि सुरक्षा बल घुसपैठ, तस्करी और सीमापार आपराधिक नेटवर्कों द्वारा तकनीक के बढ़ते उपयोग जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। गांधीनगर में हुई चर्चा में उभरते खतरों के अनुरूप सीमा प्रबंधन ढांचे को ढालने और सीमा क्षेत्रों में कार्यरत एजेंसियों के बीच समन्वय सुधारने पर ध्यान दिया गया।
अपने दौरे के दौरान महानिदेशक ने गुजरात के ओखा स्थित राष्ट्रीय तटीय पुलिस अकादमी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अकादमी में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, प्रस्तावित अवसंरचना परियोजनाओं तथा प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता की समीक्षा की।
राष्ट्रीय तटीय पुलिस अकादमी भारत की विस्तृत तटरेखा की सुरक्षा से जुड़े कर्मियों की क्षमताएं बढ़ाने और तटीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ओखा परिसर के दौरे के दौरान प्रवीण कुमार ने पौधारोपण अभियान में भी भाग लिया। बाद में उन्होंने कर्मियों से बातचीत की और अकादमी के जवानों तथा स्टाफ के साथ भोजन साझा किया।
यह दौरा भूमि और तटीय सुरक्षा क्षमताओं को प्रशिक्षण, अवसंरचना, तकनीक, खुफिया जानकारी साझा करने और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से मजबूत करने पर सीमा सुरक्षा बल के नेतृत्व के फोकस को रेखांकित करता है।