लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल कमांड ने लखनऊ में 200वें गनर्स डे के अवसर पर पूर्व सैनिकों और रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सभी रैंकों के साथ बातचीत की। यह अवसर रेजिमेंट की दो शताब्दियों की परंपरा और सेवा को समर्पित रहा।
इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने पूरे गनर समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दीं। उन्होंने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी की विशिष्ट विरासत की सराहना करते हुए उसके शौर्य, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति अटूट सेवा को रेखांकित किया।
200वें गनर्स डे ने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के गनर गर्व और सेवा के दो सौ वर्षों का प्रतीक प्रस्तुत किया। इस स्मरणीय अवसर पर सेना कमांडर ने रेजिमेंट के पूर्व सैनिकों और सेवारत कर्मियों से संवाद किया।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने पूरे गनर समुदाय के योगदान को स्वीकार किया और सभी रैंकों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी से जुड़ी विशिष्ट विरासत और देश सेवा को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया।
सेना कमांडर ने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के पूर्व सैनिकों के अमूल्य योगदान को भी स्वीकार किया। उन्होंने उनकी सेवा और बलिदान को सराहा तथा कहा कि उनका योगदान गनरों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
लखनऊ में हुए इस आयोजन ने 200वें गनर्स डे के अवसर पर पूर्व सैनिकों और रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सभी रैंकों को एक साथ जोड़ा। इस अवसर ने सेवारत कर्मियों और पूर्व सैनिकों के बीच संबंध तथा गनर समुदाय की निरंतर विरासत को सामने रखा।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी की शौर्य और पेशेवर दक्षता की विरासत की सराहना की। उन्होंने राष्ट्र के प्रति उसकी अटूट सेवा को भी स्वीकार करते हुए पूरे गनर समुदाय को शुभकामनाएँ दीं।
पूर्व सैनिक इस अवसर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। सेना कमांडर ने रेजिमेंट को उनके अमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया और उनकी सेवा तथा बलिदान को सम्मान दिया, जो गनरों की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
लखनऊ में 200वें गनर्स डे पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता की पूर्व सैनिकों और रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सभी रैंकों के साथ बातचीत हुई। इस आयोजन ने रेजिमेंट की दो सौ वर्ष पुरानी विरासत और उसके कर्मियों के योगदान को सम्मानित करने का अवसर दिया।
इस प्रकार 200वें गनर्स डे ने लखनऊ में रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के पूर्व सैनिकों और सेवारत कर्मियों को एक साथ लाकर गनर समुदाय की सेवा, शौर्य और पेशेवर दक्षता की दो शताब्दियों की विरासत को मनाया।