बेंगलुरु, 28 सितंबर 2026: आर्मी सर्विस कोर (एएससी) केंद्र एवं कॉलेज, बेंगलुरु में आयोजित सीनियर ऑफिसर्स कोर्स 28 सितंबर को संपन्न हुआ। इस तरह अभियानिक रसद और नेतृत्व पर केंद्रित एक पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस कोर्स में भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ जमैका के एक अधिकारी ने भी भाग लिया। इससे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला और पेशेवर संवाद तथा अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर भी प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों की अभियानिक रसद के तकनीकी पहलुओं में व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाना था। इसके साथ ही, उन्हें विविध और बदलते कार्यात्मक वातावरण में प्रभावी कमान और नेतृत्व की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया।
अभियानिक रसद शांतिकाल और अभियानों, दोनों में सैन्य संरचनाओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें कमांडरों को आवश्यक संसाधनों की आवाजाही और आपूर्ति का प्रभावी प्रबंधन करना होता है, साथ ही बदलती युद्धभूमि की जरूरतों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है।
एएससी केंद्र एवं कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जे. के. गेरा ने कोर्स के समापन पर अंतिम संबोधन दिया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया।
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रातिक एस फुले को उनके प्रदर्शन के आधार पर सीनियर ऑफिसर्स कोर्स का सर्वश्रेष्ठ छात्र घोषित किया गया।
बेंगलुरु स्थित एएससी केंद्र एवं कॉलेज भारतीय सेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जो आर्मी सर्विस कोर के कर्मियों में पेशेवर दक्षता विकसित करने तथा अधिकारियों को विभिन्न स्तरों पर रसद और कमान की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने का कार्य करता है।
कोर्स के सफल समापन ने एक बार फिर भारतीय सेना के पेशेवर सैन्य शिक्षा, अभियानिक रसद विशेषज्ञता और वरिष्ठ नेताओं को वर्तमान तथा भविष्य के अभियानों की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने पर निरंतर बल को रेखांकित किया।