चेन्नई, 29 सितंबर: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को कोयंबटूर के कोविलपालायम पुलिस थाने में तैनात हेड कांस्टेबल एम. वेलमुरुगन को सचिवालय बुलाकर सम्मानित किया। वेलमुरुगन ने गुटखा की तस्करी रोकने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर साहसिक कार्रवाई की थी।
मुख्यमंत्री ने उनकी बहादुरी, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने वेलमुरुगन को ड्यूटी निभाते समय सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह भी दी। सम्मान समारोह के दौरान पुलिस महानिदेशक और पुलिस बल प्रमुख महेश कुमार अग्रवाल मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने हेड कांस्टेबल को उपहार भी भेंट किया।
यह घटना रविवार, 27 सितंबर की तड़के उस समय सामने आई, जब उप-निरीक्षक वी. विग्नेश और हेड कांस्टेबल वेलमुरुगन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोविलपालायम के पास विलानकुरिची इलाके में सुबह करीब 5.45 बजे कर्नाटक पंजीकृत एक एसयूवी को रोका। पुलिस को संदेह था कि उसमें प्रतिबंधित गुटखा उत्पाद ले जाए जा रहे हैं।
वाहन में सवार लोगों ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद एसयूवी तेज रफ्तार से निकल पड़ी। वेलमुरुगन चलती हुई एसयूवी की छत पर चढ़ गए और छत की रेलिंग पकड़कर करीब 40 किलोमीटर तक वाहन के साथ बने रहे। वाहन अविनाशी रोड से अविनाशी की ओर बढ़ता रहा और कनीयूर टोल प्लाजा से भी गुजरा।
इसके बाद अन्य पुलिस इकाइयों और सहायक वाहनों की मदद से समन्वित पीछा शुरू किया गया। अंततः एसयूवी को तिरुप्पुर जिले के अविनाशी के पास रोक लिया गया। मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान पी. बाबू धारा (27), ए. राजेश (23) और एस. सुरेश (20) के रूप में हुई। ये तीनों राजस्थान के रहने वाले हैं।
पुलिस ने 231 किलोग्राम बताए गए प्रतिबंधित गुटखा उत्पादों की बड़ी खेप और वाहन जब्त कर लिया। बताया गया कि आरोपी यह खेप बेंगलुरु से कोयंबटूर ले जा रहे थे।
घटना का वीडियो, जिसमें वेलमुरुगन तेज रफ्तार वाहन की छत पकड़े नजर आए, मोटर चालकों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एम्बुलेंस टीम ने रिकॉर्ड किया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैला और अधिकारी के दृढ़ संकल्प की सराहना हुई। इससे पहले निषेध और अन्य मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें बधाई दी थी और आश्वासन दिया था कि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
घटना के बाद वेलमुरुगन ने कहा कि टीम सूचना के आधार पर वाहन जांच कर रही थी। जब चालक ने अचानक गति बढ़ाकर भागने की कोशिश की, तो उन्होंने वाहन पर चढ़ने का फैसला किया, क्योंकि संदिग्धों को भागने नहीं दिया जा सकता था। उन्होंने इसे एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपने कर्तव्य का हिस्सा बताया।
पुलिस विभाग ने कहा कि जान जोखिम में होने के बावजूद छत पर डटे रहने के वेलमुरुगन के फैसले से आरोपियों को भागने से रोका जा सका और अवैध माल की जब्ती संभव हुई। सचिवालय में किया गया सम्मान अवैध तंबाकू कारोबार के खिलाफ जमीनी स्तर पर किए गए उत्कृष्ट पुलिस कार्य की आधिकारिक मान्यता को दर्शाता है।