लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने सेना मुख्यालय में उप सेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं संधारण), डीसीओएएस (सीडीएंडएस) का पदभार संभाल लिया है।
नया दायित्व संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल विर्क पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर कमांडर के रूप में तैनात थे। इस दौरान वे एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में परिचालन तैयारियों और सैन्य गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे।
उप सेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं संधारण) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल विर्क भारतीय सेना की प्रमुख क्षमता विकास और संधारण पहलों की देखरेख करेंगे।
उनकी जिम्मेदारियों में सेना की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने, उपकरणों के आधुनिकीकरण और विभिन्न परिचालन परिवेशों में संरचनाओं एवं इकाइयों के लिए आवश्यक प्रणालियों के दीर्घकालिक संधारण से जुड़ी कोशिशों को सहयोग देना शामिल होगा।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकीय एकीकरण और उभरती सुरक्षा चुनौतियों तथा भविष्य के युद्ध के अनुरूप क्षमताओं के विकास पर लगातार ध्यान दे रही है।
सेना ने उनके पदभार ग्रहण करने की घोषणा करते हुए कहा कि नए दायित्व में वह अपनी क्षमता विकास और संधारण पहलों की देखरेख करेंगे।
पश्चिमी मोर्चे पर कोर कमांडर के रूप में उनके अनुभव से सेना मुख्यालय में नई जिम्मेदारियों के निर्वहन में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां क्षमता विकास और संधारण बल की परिचालन तैयारियों को बनाए रखने के महत्वपूर्ण घटक हैं।