जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ड्यूटी के दौरान अपनी सर्विस राइफल से चली गोली लगने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 37 वर्षीय सिपाही की मौत हो गई। यह घटना जियोटिपुरम स्थित सलाल पावर स्टेशन पर हुई।
मृतक की पहचान मोहम्मद मुश्ताक, जिन्हें मुश्ताक अहमद भी बताया गया है, के रूप में हुई है। वे मुहम्मद दीन, जिन्हें मोहम्मद दीन भी लिखा गया है, के पुत्र थे और रियासी जिले के मारी गांव, जिसे मार्ही या माडी भी कहा गया है, के निवासी थे। उनकी तैनाती सलाल जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा के लिए की गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मुश्ताक ड्यूटी पर थे। गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल, रियासी ले जाया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक करम वीर सिंह ने पुष्टि की कि मुश्ताक को गोली लगने की चोटों के साथ लाया गया था।
करम वीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक उपचार देने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज, जम्मू रेफर किया गया था।
प्रारंभिक रिपोर्टों में यह संभावना जताई गई है कि चोट स्वयं द्वारा लगी हो सकती है, जबकि कुछ विवरणों में इस घटना को रहस्यमय या संदिग्ध बताया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि घटना की सही प्रकृति के बारे में अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भी गोली चलने और सिपाही की मौत की परिस्थितियों की अलग से जांच के आदेश दिए हैं।
यह घटना जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कर्मियों के गोली लगने की हाल की घटनाओं के बीच सामने आई है। विस्तृत जांच से घटनाक्रम के क्रम का पता लगाए जाने की उम्मीद है।