चंडीगढ़, 10 अक्टूबर 2026: प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को मनी-लॉन्ड्रिंग के एक मामले में निलंबित पंजाब पुलिस उप महानिरीक्षक हरचरण सिंह भुल्लर को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने कथित अपराध से प्राप्त धन की पूछताछ के लिए एजेंसी को आठ दिन की पुलिस हिरासत दी।
विशेष न्यायाधीश भावना जैन ने ईडी की 14 दिन की मांग के बजाय आठ दिन की हिरासत मंजूर की। भुल्लर को शुक्रवार सुबह 11:50 बजे गिरफ्तार किया गया। एजेंसी को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 17 अक्टूबर को और सीबीआई रिश्वत मामले में, जहां शिकायतकर्ता के साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं, 12 अक्टूबर को उन्हें अदालत में पेश करना होगा।
ईडी ने अपना मनी-लॉन्ड्रिंग मामला 6 नवंबर 2025 को दर्ज किया था, जो 16 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद सामने आया। यह जांच चंडीगढ़ की भ्रष्टाचार-रोधी शाखा द्वारा दर्ज दो प्राथमिकी से जुड़ी है। पहली 16 अक्टूबर 2025 की प्राथमिकी भुल्लर और कथित बिचौलिए कृष्णू शारदा से जुड़े रिश्वत मामले से संबंधित थी, जबकि दूसरी 29 अक्टूबर 2025 की प्राथमिकी आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज की गई थी।
सीबीआई मामले के अनुसार, मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता ने आरोप लगाया था कि तब रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात भुल्लर ने सिरहिंद थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में अनुकूल कार्रवाई कराने और उनके स्क्रैप कारोबार के खिलाफ जबरन कार्रवाई रोकने के लिए शारदा के माध्यम से अवैध धन की मांग की थी। 16 अक्टूबर 2025 को जाल बिछाया गया, जिसमें शारदा को कथित तौर पर मांग की गई राशि का हिस्सा 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया। उसी दिन भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद चंडीगढ़ स्थित भुल्लर के सेक्टर 40 आवास पर की गई तलाशी में सीबीआई ने कथित तौर पर लगभग 7.5 करोड़ रुपये नकद, करीब 2.5 किलोग्राम सोना, तथा लग्जरी घड़ियों और वाहनों सहित अन्य संपत्तियां बरामद कीं। ये बरामदगियां जांच का हिस्सा हैं।
ईडी ने अपनी दलीलों में कहा कि कथित अपराध से प्राप्त धन में लगभग 9.68 करोड़ रुपये नकद और आभूषण, बैंक जमा, लग्जरी वाहन तथा पटियाला, लुधियाना, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में करीब 129 एकड़ कृषि और शहरी संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, इनमें से कई संपत्तियां परिवार के सदस्यों या बेनामीदार के रूप में काम करने वाले अन्य व्यक्तियों के नाम पर हैं।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि ये संपत्तियां कैसे अर्जित की गईं और क्या इनका संबंध भ्रष्टाचार से कथित तौर पर प्राप्त धन से है। इससे पहले अप्रैल 2026 में ईडी ने भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े 11 स्थानों पर छापे मारे थे, जिनमें लगभग 1.4 करोड़ रुपये जब्त या फ्रीज किए गए थे और दस्तावेज बरामद हुए थे।
ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि पूरी धन-श्रृंखला का पता लगाने, वित्तीय रिकॉर्ड और बयानों के साथ भुल्लर का सामना कराने तथा कथित अपराध से प्राप्त धन के सृजन, स्थानांतरण और छिपाने में शामिल किसी व्यापक नेटवर्क की पहचान के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
भुल्लर के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि ईडी ने अपना मामला दर्ज करने के लगभग एक साल बाद कार्रवाई की, आरोप सीबीआई मामलों से मिलते-जुलते हैं और हिरासत से चल रही रिश्वत सुनवाई में शिकायतकर्ता तथा एक छाया गवाह की जिरह के लिए वकीलों की सहायता करने की उनकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। अदालत ने दोनों पक्ष सुनने के बाद आठ दिन की हिरासत दी। आरोप जांच और न्यायिक निर्णय के अधीन हैं।
भुल्लर पंजाब संवर्ग के 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत हुए थे। सीबीआई गिरफ्तारी के समय वह रोपड़ रेंज के डीआईजी थे और तब से निलंबित हैं। आगे की जांच जारी है।