नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: भारतीय सेना की असम रेजिमेंट के सैनिकों ने वेल्स, यूनाइटेड किंगडम में 2 से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन सैन्य पेट्रोलिंग प्रतिस्पर्धाओं में मानी जाती है।
100 से अधिक सैन्य टीमों के साथ मुकाबले में भारतीय सेना की टुकड़ी ने असाधारण शारीरिक सहनशक्ति, युद्धक कौशल, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बल पर वह इस वर्ष स्वर्ण पदक पाने वाली 10 टीमों में शामिल हो गई।
यह उपलब्धि भारतीय सेना के उच्च प्रशिक्षण मानकों, परिचालन तैयारी और व्यावसायिक उत्कृष्टता को दर्शाती है, विशेषकर उन परिस्थितियों में जहां युद्ध-केंद्रित वातावरण में प्रदर्शन की कठिन परीक्षा होती है।
ब्रिटिश सेना द्वारा आयोजित एक्सरसाइज कैम्ब्रियन पेट्रोल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे चुनौतीपूर्ण सैन्य पेट्रोलिंग अभ्यासों में से एक माना जाता है। इसमें विभिन्न देशों की सैन्य टीमें शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, क्षेत्रीय कौशल, नेविगेशन और सामरिक निर्णय लेने की क्षमता की परीक्षा देती हैं।
इस प्रतियोगिता में आमतौर पर प्रतिभागी दलों को वेल्स के ऊबड़-खाबड़ ग्रामीण इलाके में भारी युद्धक साजो-सामान के साथ कठिन पेट्रोल पूरा करना होता है और कड़े समय-सीमा के भीतर कई सैन्य कार्य संपन्न करने होते हैं।
प्रतिभागियों का आकलन नेविगेशन, टोही, हताहतों की निकासी, संचार, सामरिक सजगता और टीमवर्क जैसी सैनिक क्षमताओं पर किया जाता है। अभ्यास की कठिन प्रकृति व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ सैन्य पेट्रोलों की सामूहिक दक्षता की भी परीक्षा लेती है।
असम रेजिमेंट की यह सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि इसमें दुनिया भर की सशस्त्र सेनाओं की अनुभवी टीमों से कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। स्वर्ण पदक हासिल कर भारतीय टुकड़ी ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अभ्यास की शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों में स्थान बनाया है।
अपनी विशिष्ट सैन्य परंपराओं, साहस और परिचालन उत्कृष्टता के लिए जानी जाने वाली असम रेजिमेंट का भारतीय सेना में गौरवशाली सेवा इतिहास रहा है। इसके सैनिकों ने पर्वतीय और उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों सहित कठिन परिचालन परिस्थितियों में सेवा दी है।
कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026 में यह उपलब्धि रेजिमेंट के कठोर प्रशिक्षण मानकों, अनुशासन और अत्यधिक शारीरिक तथा मानसिक दबाव में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता को दर्शाती है।
“जय से विजय” की भावना के साथ इस सफलता का उत्सव मनाते हुए भारतीय सेना ने इस विजय को “योद्धा भावना” का प्रमाण बताया, जिसमें कठोर प्रशिक्षण, युद्धक्षेत्र की दक्षता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज वैश्विक मंच पर सफलता में बदल जाती है।
स्वर्ण पदक की यह जीत अंतरराष्ट्रीय सैन्य प्रतियोगिताओं में भारतीय सेना की व्यावसायिकता, दृढ़ता और सामरिक दक्षता की प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है।
कैम्ब्रियन पेट्रोल 2026 में असम रेजिमेंट का यह शानदार प्रदर्शन भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गर्व का क्षण है, जो विश्व मंच पर भारतीय सैनिकों के संकल्प और युद्ध-भाव को सामने लाता है।