नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: सैन्य रसद को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने स्वदेश में विकसित रफ टेरेन फोर्कलिफ्ट ट्रकों को शामिल किया है। इन वाहनों को तीनों सेनाओं के लिए रसद सहायता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शामिल किया गया है।
इस शामिलीकरण समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, उप थलसेना प्रमुख ने की। यह भारत की सैन्य रसद अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
स्वदेशी रफ टेरेन फोर्कलिफ्ट ट्रकों को शामिल करने का उद्देश्य भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की सामग्री ढोने की क्षमता तथा संचालन दक्षता को बढ़ाना है।
कठिन भू-भाग में काम करने के लिए बनाए गए ये विशेष वाहन भारी उपकरणों, आपूर्ति और अन्य रसद सामग्री को उठाने, ले जाने और संभालने के लिए इस्तेमाल होते हैं। ऐसे क्षेत्रों में ये उपयोगी होते हैं, जहां सामान्य फोर्कलिफ्टों की कार्यात्मक सीमाएं सामने आ सकती हैं।
ये वाहन दूरस्थ तैनाती स्थलों, अग्रिम संचालन क्षेत्रों और क्षेत्रीय रसद प्रतिष्ठानों जैसे कठिन इलाकों में सैन्य रसद अभियानों को समर्थन दे सकते हैं।
यह शामिलीकरण भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है, जो घरेलू निर्माण, तकनीकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के विकास पर जोर देती है।
स्थानीय रूप से विकसित रसद मंचों को अपनाकर सशस्त्र बलों का लक्ष्य आयातित उपकरणों पर निर्भरता कम करते हुए संचालन तैयारियों को मजबूत करना है।
रफ टेरेन फोर्कलिफ्ट ट्रकों की यह नई शामिलीकरण रसद संचालन में अधिक दक्षता लाने में भी सहायक मानी जा रही है, जिससे चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरण में आवश्यक आपूर्ति और उपकरणों की तेजी से आवाजाही संभव होगी।
यह पहल स्वदेशी प्रौद्योगिकी और बेहतर रसद तैयारियों के माध्यम से त्रि-सेवा परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है।