लांस्ट जनरल एवीएस राठी, कमांडिंग जनरल, Konark Corps, ने Blazing Skies Brigade के तहत स्थापित नए Konark Aeromodel Training Node का दौरा किया। यह सुविधा सेना की “Decade of Transformation” के दृष्टिकोण के अनुरूप ऑपरेशनल तैयारियों को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में जानी जाती है।
पहला प्रयास
Korps के भीतर इसे पहले प्रकार की पहल के रूप में वर्णित किया गया है। Aeromodel Training Node का उद्देश्य वायु क्षेत्र की ओरिएंटेशन, टारगेट अधिग्रहण के कौशल और हवाई खतरों का आकलन करने की क्षमताओं को मजबूत करना है। यह एक बहु-डोमेन प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्य करता है, जिससे Konark Air Defence योद्धा अन्य शस्त्रों के सैनिकों को प्रशिक्षित कर सकते हैं, जो युद्धभूमि के व्यापक एकीकरण को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
नवाचार और तैयारियां
अधिकारियों ने बताया कि यह नोड Konark AD योद्धाओं की उभरती तकनीकों में महारत हासिल करने और लड़ाई की तैयारियों में सुधार करने की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सुविधा भविष्य के युद्ध वातावरण के लिए सैनिकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है, जहां मानव रहित सिस्टम, हवाई निगरानी, और हवाई रक्षा समन्वय मिशन की सफलता के लिए केंद्रीय होंगे।
तकनीकी सशक्तिकरण
इस विशेष नोड की स्थापना भारतीय सेना की नवाचार, सिमुलेशन, और उन्नत प्रशिक्षण उपकरणों को एकीकृत करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास को स्पष्ट करती है, जिससे एक अधिक कुशल और तकनीकी रूप से सक्षम बल का निर्माण हो सके।