भारतीय सेना ने मेजर जनरल पुनीत डोवल, एसएम को हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल (HAWS), गुलमर्ग का नया कमांडेंट नियुक्त किया है। आज आयोजित औपचारिक हैंडओवर समारोह में पारंपरिक बैटन एक्सचेंज के साथ उन्होंने पदभार ग्रहण किया। 1948 में स्की स्कूल के रूप में स्थापित और 1962 में कैटेगरी A ट्रेनिंग एस्टैब्लिशमेंट के रूप में उन्नत HAWS पर्वतीय और शीतकालीन युद्ध प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां हर वर्ष 10,000 से अधिक जवानों को सियाचिन, लद्दाख और अन्य दुर्गम, बर्फीले और ऊंचाई वाले इलाकों में संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
मई से अक्टूबर तक सोनमर्ग में माउंटेन वॉरफेयर कोर्स और जनवरी से अप्रैल तक गुलमर्ग में विंटर वॉरफेयर कोर्स संचालित किए जाते हैं। HAWS भारतीय सेना के पर्वतीय और हिम-युद्ध सिद्धांतों का नोडल केंद्र है, जहां आधुनिक नाइट-ट्रेनिंग सुविधाएं, आर्मी स्की टीमों को सहयोग और मित्र देशों की सेनाओं को भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है।
चीन के साथ जारी सीमा तनाव और उत्तरी सीमाओं पर बढ़ते सामरिक फोकस के बीच मेजर जनरल डोवल की नियुक्ति रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, ऊंचाई और कठिन भू-भाग में प्रशिक्षण HAWS की विशेषज्ञता का मूल हिस्सा है। सेना मेडल से सम्मानित मेजर जनरल डोवल को LoC पर काउंटर-इन्फिल्ट्रेशन ऑपरेशंस का व्यापक अनुभव है, और उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि सेना अपने महत्वपूर्ण प्रशिक्षण संस्थानों में अनुभवी नेतृत्व को प्राथमिकता देती है।
लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, GOC-in-C ARTRAC, ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में HAWS नई ऊंचाइयों को छुएगा। सोशल मीडिया पर रक्षा समुदाय और आधिकारिक पेजों ने भी इस नियुक्ति का गर्मजोशी से स्वागत किया है।