भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून, 13 दिसंबर 2025 को अपने प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन करेगी। यह परेड भारतीय और विदेशी अधिकारी कैडेटों के लिए कठोर सैन्य प्रशिक्षण की समाप्ति को चिन्हित करेगी। इस समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी होंगे, जो परेड की समीक्षा करेंगे।
पैरेंट की आकांक्षा
IMA में पासिंग आउट परेड गर्व का एक महत्वपूर्ण क्षण होती है, जो कैडेटों के कमीशन अधिकारियों में बदलने की प्रक्रिया का प्रतीक है। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों कैडेटों के लिए, यह परेड न केवल उनके प्रशिक्षण का समापन है, बल्कि उनके लिए अपने-अपने सेनाओं में युवा नेताओं के रूप में सेवा की शुरुआत भी है।
इतिहास और विकास
भारतीय सैन्य अकादमी की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी, जिसके पहले बैच में केवल 40 कैडेट थे। पिछले नौ दशकों में, अकादमी ने अपने प्रशिक्षण की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है—40 कैडेटों से वर्तमान में 1,660 तक—जो इसे दुनिया के सबसे प्रमुख सैन्य संस्थानों में से एक बनाता है।
अब तक, अकादमी ने लगभग 66,000 कैडेटों को प्रशिक्षित किया है, जिनमें लगभग 3,000 मित्र विदेशी देशों से हैं। IMA के पूर्व छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर चुके हैं, जिन्होंने सैन्य नेतृत्व के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए भारतीय सेना की सम्मान और प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राष्ट्र की निगाहें
आगामी परेड का आयोजन देश भर से लोगों का ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद है, जो सैन्य अधिकारियों की अगली पीढ़ी की अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता का जश्न मनाएगी।