लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी, पूर्वी कमान के सेना कमांडर, ट्रिशक्ति कोर का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में संचालन की स्थिति और तत्परता की समीक्षा की।
दौरे के दौरान, सेना कमांडर को गठन के संचालनात्मक परिवेश, तैयारी स्तरों और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए चल रही पहलों के बारे में जानकारी दी गई।
ट्रिशक्ति फैब लैब और सिमुलेशन सुविधाओं की समीक्षा
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने नए स्थापित ट्रिशक्ति फैब लैब और ऑपरेशनल सिमुलेशन सुविधाओं की भी समीक्षा की। ये सुविधाएँ गठन के भीतर नवाचार और तकनीकी एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
ट्रिशक्ति फैब लैब उभरती तकनीकों जैसे कि ड्रोन, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मेकाट्रोनिक्स पर ध्यान केंद्रित करता है। इस सुविधा में इन-हाउस ड्रोन उत्पादन क्षमताएँ भी शामिल हैं, जो सैनिकों को संचालन संबंधी चुनौतियों के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने में सक्षम बनाती हैं।
नवाचार और परिवर्तन पर जोर
सेना कमांडर ने इस पहल की सराहना की और गठन को उनके पेशेवरों, नवाचार और संचालनात्मक उत्कृष्टता के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें भारतीय सेना की ‘परिवर्तन का दशक’ और ‘तकनीकी अपनाने का वर्ष’ के अंतर्गत आने वाले दृष्टिकोण के साथ मेल खाती हैं, जिसका उद्देश्य उन्नत तकनीकों को एकीकृत करना और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देना है।
इस दौरे ने भारतीय सेना के तकनीकी-प्रेरित युद्ध, नवाचार और स्वदेशी क्षमता विकास पर बढ़ती ध्यान देने की संख्या को उजागर किया, ताकि बढ़ती सुरक्षा चुनौती का सामना किया जा सके।