भारत अपने भविष्य की वायु युद्ध क्षमताओं को तेज़ी से बढ़ा रहा है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस दिशा में भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के लिए साझेदारियों का पता लगाने के साथ-साथ 67 Ghatak UCAV सिस्टम के समावेश को भी आगे बढ़ा रहा है।
AMCA प्रोग्राम को मिल रहा है गति
Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) कार्यक्रम प्रगति पर है, जिसमें:
- Request for Proposal (RFP) जल्दी ही जारी किया जाएगा
- निजी क्षेत्र की भागीदारी की अपेक्षा है
- स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है
छठी पीढ़ी के विमानों के लिए प्रेरणा
भारत वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग की संभावना तलाश रहा है, जिसमें शामिल हैं:
- छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास
- लागत और उन्नत तकनीकों का साझा करना
- جاری अंतरराष्ट्रीय बहुराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी
Ghatak UCAVs का समावेश
समीर वी कामत के अनुसार, Ghatak UCAV:
- स्टेल्थ फाइटर जैसी क्षमताओं से लैस होगा
- ~13-टन वर्ग के प्लेटफॉर्म का हिस्सा होगा
- स्वायत्त हमले की क्षमता बढ़ाएगा
लगभग 67 UCAVs के समावेश के लिए एक प्रस्ताव मंजूर किया गया है, जो भारत के无人 मुकाबला बेड़े को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा।
क्षमता अंतर को पाटना
सरकार भारतीय वायु सेना में महत्वपूर्ण अंतर को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
- लड़ाकू विमानों की संख्या
- वायु रिफ्यूलर्स
- एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम्स (AWACS)
इनके लिए अगले वर्ष के भीतर अनुबंधों की उम्मीद है।
रक्षा उत्पादन में विविधता
रक्षा सचिव ने इस पर जोर दिया:
- कई उत्पादन लाइन की आवश्यकता
- एकल निर्माता पर निर्भरता कम करना
- प्रतिस्पर्धा और सप्लाई चेन की मजबूती को बढ़ावा देना
भविष्य-तैयार वायु शक्ति की ओर
ये पहलों भारत की दिशा को दर्शाती हैं:
- रक्षा में Aatmanirbhar Bharat
- उन्नत युद्ध विमानन तकनीक
- एकीकृत मानव-स्वायत्त युद्ध क्षमताएँ