लेफ्टिनेंट जनरल राजीव के. साहनी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) के महानिदेशक तथा कोर ऑफ ईएमई के कर्नल कमांडेंट, ने कोनार्क कोर प्रौद्योगिकी केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गठन की प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों और नवाचार व्यवस्था की समीक्षा की।
दौरे के समय जनरल ऑफिसर ने कोनार्क ईगल्स की प्रशंसा की, जिन्होंने मानवरहित हवाई प्रणालियों और प्रतिरोधी मानवरहित हवाई प्रणालियों के बड़े पैमाने पर उत्पादन तथा रखरखाव के लिए स्वदेशी व्यवस्था विकसित की है। इसे रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल साहनी ने मेटैलिक ऐडिटिव मैन्युफैक्चरिंग सुविधा की स्थापना की भी सराहना की। यह सुविधा उन्नत विनिर्माण तकनीकों और तीव्र उत्पादन क्षमता के माध्यम से इंजीनियरिंग सहायता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार की गई है।
इस दौरे ने भारतीय सेना के प्रौद्योगिकीय नवाचार, स्वदेशी क्षमता विकास और उन्नत तकनीकों के समावेश पर जारी जोर को रेखांकित किया। इससे परिचालन तैयारियों को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण पर बल मिलता है।