पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने श्रीमती प्रिया भल्ला, नौसेना पत्नि कल्याण संघ की पूर्वी क्षेत्र की अध्यक्ष, के साथ INS कट्टाबोम्मन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नौसैनिक प्रतिष्ठान की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और कई आधारभूत ढांचा तथा कल्याणकारी पहलों का उद्घाटन किया।
दौरे के दौरान वाइस एडमिरल भल्ला ने अड्डे की परिचालन तत्परता का व्यापक आकलन किया। उन्होंने भारतीय नौसेना के संचार और रणनीतिक अभियानों को समर्थन देने की क्षमता की समीक्षा की तथा चल रही आधारभूत ढांचा परियोजनाओं की प्रगति देखी। साथ ही, उन्होंने उन नई सुविधाओं का निरीक्षण किया जिनका उद्देश्य परिचालन दक्षता बढ़ाना और नौसैनिक कर्मियों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
इस अवसर पर भारतीय नौसेना द्वारा अपने तटीय प्रतिष्ठानों के आधुनिकीकरण पर दिए जा रहे सतत बल को भी रेखांकित किया गया। आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास के साथ यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है कि परिचालन क्षमताएं बदलती समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप बनी रहें।
कार्यक्रम के हिस्से के रूप में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने वीर पांडिया कट्टाबोम्मन की प्रतिमा का अनावरण किया। वे 18वीं शताब्दी के उस स्वतंत्रता सेनानी और सरदार के रूप में स्मरण किए जाते हैं, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध साहसी प्रतिरोध किया था।
यह अनावरण उनके वीरता, देशभक्ति और बलिदान की स्थायी विरासत को श्रद्धांजलि था। ये मूल्य आज भी भारतीयों की पीढ़ियों, विशेषकर सशस्त्र बलों में सेवा करने वालों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
वाइस एडमिरल भल्ला ने एक नया एकीकृत कार्यालय परिसर भी उद्घाटित किया। यह सुविधा प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारु बनाने, समन्वय में सुधार करने और नौसैनिक प्रतिष्ठान के भीतर परिचालन दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी।
यह आधुनिक सुविधा भारतीय नौसेना के उस सतत प्रयास को दर्शाती है, जिसके तहत मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित कर परिचालन और प्रशासनिक उत्कृष्टता, दोनों को समर्थन दिया जा रहा है।
परिवार कल्याण से जुड़ी एक समानांतर पहल के तहत श्रीमती प्रिया भल्ला ने सनबीम शिशु देखभाल केंद्र का उद्घाटन किया। यह नौसैनिक कर्मियों के परिवारों की सहायता के लिए बनाई गई एक समर्पित बाल देखभाल सुविधा है।
यह शिशु देखभाल केंद्र सेवा-परिवारों के लिए सहायक वातावरण तैयार करने के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इससे बच्चों के कल्याण में मदद मिलेगी और सेवा में तैनात कर्मी अधिक मानसिक शांति के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
दौरे के दौरान नौसैनिक कर्मियों और उनके परिवारों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी पहलों की भी समीक्षा की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि नौसेना परिचालन उत्कृष्टता और अपने मानव संसाधनों के कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपना रही है।
पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का यह दौरा उच्च परिचालन तत्परता बनाए रखने के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत ढांचे और परिवार कल्याण में निवेश करने पर भारतीय नौसेना के फोकस को पुनः पुष्ट करता है। ऐसे प्रयासों के माध्यम से नौसेना अपनी परिचालन क्षमता और कर्मियों के मनोबल तथा दक्षता को सहारा देने वाली व्यवस्थाओं, दोनों को सुदृढ़ कर रही है।