लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, सेना कमांडर, उत्तरी कमान ने कश्मीर घाटी के भीतरी क्षेत्रों में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और संचालनगत तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
इस दौरे के दौरान उन्होंने घाटी में तैनात संरचनाओं और इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था तथा तैयारियों का आकलन किया। समीक्षा का केंद्र संचालनगत प्रभावशीलता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना था कि सैनिक उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
सेना कमांडर ने कठिन संचालनगत परिस्थितियों में तैनात सैनिकों से भी मुलाकात की और उनके साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। उन्होंने शुभकामनाएं दीं और कठिन क्षेत्रों में सेवा दे रहे कर्मियों की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना की।
सैनिकों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने सभी रैंकों से उच्च संचालनगत गति बनाए रखने और हर समय सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने संचालनगत कौशल को लगातार निखारने तथा प्रशिक्षण और तैयारियों के उच्च मानक बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गतिशील सुरक्षा परिवेश में तैनात सैनिकों के लिए निरंतर तत्परता और पेशेवर दक्षता आवश्यक है। उन्होंने कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों पर केंद्रित रहने और मिशन-तैयार स्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता दिवस पर सैनिकों के साथ यह संवाद इस बात को भी रेखांकित करता है कि भारतीय सेना चुनौतीपूर्ण संचालनगत परिस्थितियों में सेवा दे रहे अपने जवानों के साथ सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह दौरा कश्मीर घाटी में उत्तरी कमान के संचालनगत तैयारियों, सतर्कता और क्षमता बढ़ाने पर निरंतर ध्यान को भी पुष्ट करता है, जहां सैनिकों को सतर्क, अनुशासित और बदलती परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।