विशाखापत्तनम में पारंपरिक ‘बड़ाखाना’ के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के कर्मियों से संवाद किया और बल की बढ़ती परिचालन पहुंच तथा भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा में उसके योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर नौसेना कर्मियों को संबोधित करते हुए सिंह ने भारतीय नौसेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक बताया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना को विश्व की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में गिना जाता है और वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी प्रभावी रूप से दर्ज करा रही है।
सिंह ने यह भी कहा कि जब-जब भारत या अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सहायता की आवश्यकता पड़ी, नौसेना ने हमेशा जिम्मेदारी के साथ अपना दायित्व निभाया है। उन्होंने कहा कि इसका दायरा पारंपरिक समुद्री सुरक्षा से कहीं आगे तक जाता है।
भारतीय नौसेना हिंद-प्रशांत में भारत की समुद्री रणनीति का एक अहम साधन बनकर उभरी है। यह समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती-रोधी गश्त, मानवीय सहायता, आपदा राहत और निकासी अभियानों जैसी कई जिम्मेदारियां निभा रही है।
विशाखापत्तनम भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नौसैनिक केंद्र है और यह भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसैनिक कमान का मुख्यालय भी है।
‘बड़ाखाना’ सशस्त्र बलों की एक पारंपरिक संगति है, जिसमें अधिकारी और कर्मी एक साथ भोजन करते हैं। इस अवसर ने रक्षा मंत्री को नाविकों से सीधे संवाद करने और उनकी सेवा तथा समर्पण को स्वीकार करने का अवसर भी दिया।
सिंह ने भारतीय नौसेना कर्मियों की पेशेवर क्षमता और समर्पण पर गर्व व्यक्त किया तथा देश के समुद्री हितों की रक्षा करने और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता में योगदान देने में बल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।