80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने विशाखापत्तनम में आयोजित औपचारिक परेड का निरीक्षण किया और इस मौके पर नौसैनिक कर्मियों को संबोधित किया।
परेड को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों तथा भारत की स्वतंत्रता यात्रा में योगदान देने वाले सभी लोगों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व और राष्ट्र की संप्रभुता तथा सुरक्षा की रक्षा में सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला।
पूर्वी क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में भारत की दृढ़ यात्रा को रेखांकित किया और इस राष्ट्रीय उद्देश्य में भारतीय नौसेना तथा पूर्वी नौसेना कमान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
वाइस एडमिरल भल्ला ने कमान की निरंतर संचालनात्मक सक्रियता और उच्च स्तर की युद्ध तत्परता की सराहना की। उन्होंने सतर्क रहने और भारत के समुद्री हितों तथा समुद्री सुरक्षा की रक्षा के लिए तैयार बने रहने के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कमान द्वारा उठाए गए तटीय सुरक्षा उपायों को भी स्वीकार किया। पूर्वी नौसेना कमान उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए समन्वय और तैयारियों को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रही है।
पूर्वी क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में कमान के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान समुदायों को समय पर सहायता देने में भारतीय नौसेना की भूमिका को दर्शाता है।
उन्होंने संचालनात्मक तैयारी, प्रशिक्षण और क्षमता संवर्द्धन के माध्यम से भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के जारी प्रयासों की भी सराहना की।
वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने औपचारिक परेड के दौरान नौसैनिक कर्मियों की सुसज्जित उपस्थिति, सटीक ड्रिल और उत्कृष्ट व्यावसायिकता की प्रशंसा की। उन्होंने अनुशासन और भारतीय नौसेना से अपेक्षित उच्च मानकों को बनाए रखने के उनके समर्पण की सराहना की।
अपने संबोधन के समापन पर फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी कर्मियों से राष्ट्रसेवा के प्रति सदैव तैयार, दृढ़ और अडिग रहने का आह्वान किया। उन्होंने उनसे समर्पण और व्यावसायिकता के साथ अपने दायित्व निभाते हुए भारत की समुद्री सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने को कहा।