भारतीय सेना के सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने 16 से 19 अगस्त, 2026 तक नेपाल का आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और सैन्य संबंधों को और मजबूत करना था।
16 अगस्त को काठमांडू पहुंचने पर जनरल सेठ का स्वागत नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारत के दूतावास के प्रतिनिधियों ने किया।
17 अगस्त को उन्होंने टुंडिखेल स्थित आर्मी पवेलियन में पुष्पांजलि अर्पित कर उन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके बाद उन्होंने नेपाली सेना मुख्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इसके बाद सेना प्रमुख ने नेपाली सेना के सेना प्रमुख और भारतीय सेना के मानद जनरल जनरल अशोक राज सिगडेल से बातचीत की। दोनों सैन्य नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने तथा आपसी सैन्य संबंधों को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की।
क्षमता विकास और मानवीय सहायता के क्षेत्र में भारत के निरंतर समर्थन के तहत जनरल सेठ ने आपदा तैयारी और मानवीय सहायता क्षमताओं को बढ़ाने के लिए वाहन और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे।
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण शीतल निवास में आयोजित समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति श्री रामचंद्र पौडेल द्वारा जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान किया जाना रहा। यह सम्मान भारतीय और नेपाली सेनाओं के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि देने की पुरानी और अनोखी परंपरा के तहत दिया गया।
समारोह के बाद जनरल सेठ ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मुलाकात की और परस्पर हित के मुद्दों तथा दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों पर चर्चा की।
18 अगस्त को जनरल सेठ ने शिवपुरी स्थित नेपाली सेना कमांड एंड स्टाफ कॉलेज का दौरा किया, जहां उन्होंने छात्र अधिकारियों और प्राध्यापकों से बातचीत की। इस मुलाकात ने पेशेवर आदान-प्रदान का अवसर दिया और भारत तथा नेपाल की सेनाओं के बीच शैक्षणिक सहयोग तथा संस्थागत संबंधों के महत्व को रेखांकित किया।
इसके बाद उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में भारत-नेपाल की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी पर चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अपने दौरे के अंतिम दिन 19 अगस्त को जनरल सेठ पोखरा गए और नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से मिले। वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में पूर्व सैनिकों की अनुकरणीय सेवा, समर्पण और बलिदान की गहरी सराहना की।
सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों और वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया गया। पूर्व सैनिकों के कल्याण और जीवन स्तर में सुधार के लिए उन्हें सहायक गतिशीलता उपकरण भी वितरित किए गए।
जनरल सेठ ने कोहलपुर में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना की पॉलिक्लिनिक को भी पूर्व सैनिक समुदाय की सेवा के लिए समर्पित किया। इस सुविधा की स्थापना नेपाल में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सहायता को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है।
चार दिवसीय इस यात्रा ने भारत-नेपाल संबंधों के कई आयामों पर संवाद का अवसर दिया, जिनमें सैन्य सहयोग, क्षमता विकास, पेशेवर सैन्य शिक्षा, आपदा तैयारी और पूर्व सैनिकों का कल्याण शामिल हैं।
इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सैन्य संबंधों की पुष्टि की और रक्षा तथा सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया। साथ ही, इसने सैन्य-से-सैन्य सहभागिता बढ़ाने तथा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा में योगदान देने के प्रति दोनों पक्षों की निरंतर प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।