उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम-22 के छात्र अधिकारियों ने अपने व्यावसायिक सैन्य अभिविन्यास के तहत सप्त शक्ति कमान मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्हें कमान की परिचालन और रसद संबंधी कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा, सेना कमांडर, सप्त शक्ति कमान, ने छात्र अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने समकालीन परिचालन आवश्यकताओं और बदलते सुरक्षा परिवेश पर अपने विचार साझा किए।
बातचीत का केंद्र बढ़ते हुए बहु-क्षेत्रीय अभियानों के महत्व और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की क्षमताओं के एकीकरण की जरूरत रहा।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने क्षमता निरंतर बढ़ाने और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे परिचालन प्रभावशीलता मजबूत होती है और भविष्य की तैयारी सुनिश्चित होती है।
इस दौरान रसद की भूमिका और सैन्य अभियानों को बनाए रखने में उसकी अहमियत पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को समकालीन युद्ध में एकीकृत योजना और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी गई।
मानव संसाधन के कौशल-वर्धन पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें ऐसे तकनीकी रूप से सक्षम, अनुकूलनशील और व्यावसायिक रूप से दक्ष कर्मियों को विकसित करने की जरूरत पर बल दिया गया, जो जटिल होते युद्धक्षेत्र में प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
इस मुलाकात ने एचडीएमसी-22 के प्रतिभागियों को परिचालन संरचनाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और तेजी से बदलते सुरक्षा परिवेश में तैयारियों को बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों की व्यावहारिक समझ दी।
यह दौरा भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को रणनीतिक सोच विकसित करने, प्रौद्योगिकीय और परिचालन बदलावों के साथ तालमेल बैठाने तथा प्रभावी सैन्य अभियानों के लिए विविध क्षमताओं के एकीकरण में सैन्य शिक्षा की अहमियत को रेखांकित करता है।