श्रीनगर, 7 सितंबर 2026: उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिण कश्मीर में तैनात सैनिकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने लगातार सतर्कता बनाए रखने और विभिन्न पक्षों के बीच घनिष्ठ समन्वय पर जोर दिया, ताकि उभरती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
भारतीय सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने दक्षिण कश्मीर के भीतरी इलाकों में स्थित इकाइयों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा माहौल की जानकारी ली और क्षेत्र में तैनात सैनिकों की कार्यात्मक तत्परता का आकलन किया।
दौरे के दौरान सेना कमांडर को मौजूदा सुरक्षा स्थिति और अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखने वाली संरचनाओं की तैयारी के बारे में जानकारी दी गई।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने निरंतर सतर्कता बनाए रखने और सभी पक्षों के साथ प्रभावी तालमेल सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए घनिष्ठ समन्वय और उच्च स्तर की परिचालन तैयारी आवश्यक है।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सेना कश्मीर घाटी में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर लगातार ध्यान दे रही है। भीतरी और अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिक संभावित खतरों के प्रति सतर्क बने हुए हैं।
सैनिकों से बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने उनकी व्यावसायिकता, समर्पण और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
यह ताजा समीक्षा अगस्त के अंत में दक्षिण कश्मीर के उनके पिछले दौरे के बाद हुई है। उस समय उन्हें बदलती सुरक्षा स्थिति, परिचालन चुनौतियों और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी गई थी।
उस समीक्षा में निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और परिचालन जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया था।
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने तब सैनिकों से सक्रिय, अनुकूलनशील और मिशन के लिए तैयार रहने तथा परिचालन बढ़त बनाए रखने का आग्रह किया था।
उत्तरी कमान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी करती है। परिचालन तैयारी, अंतर-एजेंसी समन्वय और सैनिकों की तत्परता इसकी प्रमुख प्राथमिकताएं बनी हुई हैं।