एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी), पश्चिमी वायु कमान ने सिकंदराबाद स्थित कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट में हायर डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स (एचडीएमसी-22) के प्रतिभागियों को आधुनिक सैन्य अभियानों में वायु शक्ति की बदलती भूमिका पर मुख्य भाषण दिया। यह व्याख्यान वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को समकालीन रणनीतिक और परिचालन अवधारणाओं से परिचित कराने के संस्थान के प्रयासों का हिस्सा था।
सत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि आधुनिक युद्ध में वायु शक्ति का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इसका भूमि, समुद्री, साइबर तथा अंतरिक्ष क्षेत्रों के साथ एकीकरण कितना आवश्यक है। भारतीय वायु सेना में अपने व्यापक परिचालन अनुभव के आधार पर एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस ने प्रतिभागियों को सैन्य अभियानों के पूरे दायरे में वायु शक्ति के उपयोग पर उपयोगी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वायु शक्ति रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने, परिचालन लचीलापन बढ़ाने और संयुक्त बल कमांडरों को समर्थन देने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी प्रगति, सटीक हथियारों, नेटवर्क-केंद्रित अभियानों और सूचना प्रभुत्व के बढ़ते महत्व के साथ युद्ध का स्वरूप बदलता जा रहा है।
व्याख्यान में वायु क्षमताओं और जमीनी अभियानों के समन्वय पर भी चर्चा हुई। इसमें दिखाया गया कि भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के बीच घनिष्ठ तालमेल से युद्धक्षेत्र की प्रभावशीलता कैसे बढ़ती है। अपने पेशेवर अनुभवों के उदाहरणों के साथ एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस ने योजना, निष्पादन और अभियानों के प्रभाव को व्यावहारिक रूप से समझाया।
एचडीएमसी-22 के प्रतिभागियों को वायु शक्ति की उस गतिशील भूमिका की व्यापक समझ मिली, जो परिचालन परिणामों को आकार देती है। इस सत्र ने अधिकारियों को सैन्य योजना में एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया और यह संदेश दिया कि भविष्य के संघर्षों में तीनों सेनाओं के बीच बहु-क्षेत्रीय समन्वय और अधिक महत्वपूर्ण होगा।
कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट की अपनी यात्रा के दौरान एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस ने हायर डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स में शामिल मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों से भी बातचीत की। इस बातचीत ने पेशेवर विचार-विनिमय का अवसर दिया, जिसमें उभरती सुरक्षा चुनौतियों, बदलते सैन्य सिद्धांतों और नेतृत्व अनुभवों पर चर्चा हुई।
यह सहभागिता पेशेवर सैन्य शिक्षा के माध्यम से रक्षा सहयोग और सैन्य कूटनीति को मजबूत करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सीडीएम में अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों की भागीदारी श्रेष्ठ पद्धतियों के आदान-प्रदान, परस्पर समझ और मित्र देशों के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में सहायक है।
हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) के अधीन कार्यरत कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट भारत के प्रमुख उच्च सैन्य शिक्षा संस्थानों में से एक है। यह भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों और मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों के लिए विशेष पाठ्यक्रम संचालित करता है, जिनमें रक्षा प्रबंधन, रणनीतिक नेतृत्व, संसाधन योजना, संयुक्त अभियान और राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णय-निर्माण पर ध्यान दिया जाता है।
हायर डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स वरिष्ठ सैन्य नेताओं को उच्च कमान और स्टाफ नियुक्तियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके माध्यम से रणनीतिक प्रबंधन, परिचालन योजना और अंतर-सेवा समन्वय में विशेषज्ञता विकसित की जाती है।
एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस के संबोधन ने एचडीएमसी-22 के शैक्षणिक और व्यावसायिक महत्व को और सुदृढ़ किया। उनके व्याख्यान ने समकालीन सैन्य रणनीति के एक महत्वपूर्ण आयाम में वायु शक्ति की अनिवार्य भूमिका को रेखांकित किया और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को तैयार करने में संयुक्तता, नवाचार और एकीकृत सैन्य योजना के महत्व को बल दिया।