नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 61 कैवलरी रेजिमेंट के कैप्टन आहान कुमार ने हंगरी के बाबोलना में 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक हुए सीसीआई 4-स्टार अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी आयोजन में तीसरा स्थान हासिल कर देश का नाम रोशन किया है।
यह उपलब्धि इस सत्र में उनका तीसरा अंतरराष्ट्रीय मंच स्थान है, जो अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी खेलों में उनकी निरंतरता और बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
सीसीआई 4-स्टार प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय इवेंटिंग के सबसे ऊंचे स्तरों में गिनी जाती है। इसमें उत्कृष्ट घुड़सवारी कौशल, शारीरिक सहनशक्ति, तकनीकी दक्षता और सटीकता की आवश्यकता होती है।
इस प्रतियोगिता में सवार और घोड़े, ड्रेसेज, क्रॉस-कंट्री और शो जंपिंग, इन तीन चुनौतीपूर्ण विधाओं में परखे जाते हैं।
कैप्टन कुमार की यह सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ दिन पहले ही उन्हें अपने घोड़े से जुड़ी पशु-चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के कारण टोक्यो में एशियाई खेलों के लिए यात्रा नहीं कर पाने का बड़ा झटका लगा था।
निराशा को अपने खेल लक्ष्य पर हावी न होने देते हुए, भारतीय सेना के इस अधिकारी ने हंगरी में चुनौतीपूर्ण 4-स्टार वर्ग में उतरकर अपनी तैयारी को अवसर में बदला।
अंतरराष्ट्रीय सवारों के खिलाफ इस कठिन स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हुए कैप्टन कुमार ने दृढ़ संकल्प, कौशल और जुझारूपन का परिचय दिया और मंच स्थान हासिल किया।
इस सत्र में उनका तीसरा अंतरराष्ट्रीय मंच स्थान घुड़सवारी में उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है।
भारतीय सेना की सबसे विशिष्ट अश्वारोही इकाइयों में से एक 61 कैवलरी की घुड़सवारी उत्कृष्टता की समृद्ध परंपरा रही है। इस रेजिमेंट ने कई ऐसे कुशल सवार दिए हैं, जिन्होंने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
कैप्टन आहान कुमार की यह नवीनतम उपलब्धि उस विरासत में एक और उपलब्धि जोड़ती है और देश में घुड़सवारी खेलों के विकास में भारतीय सेना के कर्मियों के योगदान को रेखांकित करती है।
हंगरी में उनका प्रदर्शन यह भी दिखाता है कि भारतीय सैन्य खिलाड़ी चुनौतियों को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेल उत्कृष्टता की राह पर आगे बढ़ते रहते हैं।
यह उपलब्धि दृढ़ता, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी भावना का प्रेरक उदाहरण है और युद्ध क्षेत्र के भीतर तथा बाहर, दोनों जगह भारतीय सेना की उत्कृष्टता की परंपरा को और मजबूत करती है।