केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित ईस्टर्न कमांड के अधीन कार्यरत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के एक कर्नल, हिमांशु बाली को 50 लाख रुपये की कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला रक्षा निविदाओं में हेरफेर के आरोपों से जुड़ा है।
आरोप
CBI द्वारा 18 मई, 2026 को दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, कर्नल बाली पर कन्नड़ स्थित रक्षा आपूर्तिकर्ता, M/s Eastern Global Limited को अवैध लाभ प्रदान करने का आरोप है। आरोपों में निविदाओं के आवंटन में हेरफेर करना, निम्न गुणवत्ता के नमूनों को मंजूरी देना और लंबित तथा बढ़ी हुई बिलों की मंजूरी में सुविधा प्रदान करना शामिल है।
आरोपी व्यक्ति
CBI ने छह व्यक्तियों के खिलाफ एक नियमित मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
- कर्नल हिमांशु बाली, आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स, ईस्टर्न कमांड, कोलकाता
- श्री अक्षत अग्रवाल, M/s Eastern Global Limited का संचालक, कन्नौज
- श्री मयंक अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल के पिता और कन्नौज निवासी
- श्री आशुतोष शुक्ला, दिल्ली स्थित सहयोगी और अक्षत अग्रवाल के ड्राइवर
- श्री नरेश पाल, दिल्ली के निवासी (कथित बिचोलिया)
- अन्य अज्ञात रक्षा अधिकारी और निजी व्यक्ति
यह मामला आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धाराओं 7, 8, 9, और 10 के तहत दर्ज किया गया है। जांच का संचालन CBI के एंटी-करप्शन ब्रांच-II, नई दिल्ली के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सुनील कुमार द्वारा किया जा रहा है।
घटनाओं का क्रम
जांच का निष्कर्ष है कि अक्षत अग्रवाल और मयंक अग्रवाल ने अवैध साधनों के माध्यम से अपने फर्म के लिए अवैधरूप से लाभ प्राप्त करने हेतु कर्नल बाली के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा। ईस्टर्न कमांड द्वारा कथित तौर पर कई निविदाएं उनके फर्म को काफी राशि के बदले में प्रदान की गईं।
मामले में प्रमुख घटनाएं शामिल हैं:
- 22 अप्रैल, 2026 को, कर्नल बाली और अक्षत अग्रवाल ने आधिकारिक कार्य समय के बाहर कोलकाता के पार्क स्ट्रीट पर निविदा संबंधी मामलों पर चर्चा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
- 24 अप्रैल, 2026 को, M/s Eastern Global Limited को एक प्रमुख निविदा दी गई, जिसे कर्नल बाली द्वारा अवैध लाभ प्रदान करने के अंतर्गत आरोपित किया गया।
- 16 मई, 2026 को, कर्नल बाली ने अक्षत अग्रवाल से 50 लाख रुपये की लंबित रिश्वत की मांग की और निर्देशित किया कि भुगतान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में किया जाए। जब अक्षत अग्रवाल ने नकद सीमाओं का हवाला दिया, तब कर्नल बाली ने कथित तौर पर आशुतोष शुक्ला से संपर्क किया ताकि नरेश पाल को रिश्वत का वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
उसके बाद लगभग 50 लाख रुपये की राशि हवाला के माध्यम से रूट करने के लिए व्यवस्था की गई, जिसे दिल्ली के चांदनी चौक से एकत्रित किया जाना था और बिचोलिये को दिल्ली-एनसीआर में वितरित किया जाना था।
गिरफ्तारी और वर्तमान स्थिति
CBI ने 19 मई, 2026 को कोलकाता में कर्नल हिमांशु बाली को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है और आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। CBI जांच जारी रखे हुए है ताकि यह पहचान सके कि कौन से अन्य अधिकारी कथित खरीद में संलग्न हो सकते हैं।
M/s Eastern Global Limited को देशभर में रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए विभिन्न सामानों का एक दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता बताया गया है। एजेंसी ने कहा कि ये आरोप गंभीर संज्ञानीय अपराधों का गठन करते हैं।
भारतीय सेना ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। CBI ने संकेत दिया है कि हाल में जांच जारी है ताकि कथित साजिश का पूरा दायरा और किसी अतिरिक्त लाभार्थियों की पहचान हो सके।