जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), ने साउथर्न कमांड के मुख्यालय का दौरा किया और पुणे में त्रि-सेवा अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने बढ़ते सुरक्षा वातावरण की चुनौतियों के प्रति तैयारी की आवश्यकताओं पर जोर दिया।
अपने संबोधन में, CDS ने संयुक्त व उप-संयुक्त संघर्षों के साथ-साथ पारंपरिक युद्धों के संचालन से प्रभावित वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य को रेखांकित किया। उन्होंने गैर-पारंपरिक क्षेत्रों के बढ़ते प्रभाव और समकालीन युद्ध में तेजी से विकसित हो रहे रुझानों पर भी ध्यान केंद्रित किया। जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य के संघर्षों में भूमि, वायु, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में एकीकृत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होगी।
उन्होंने सभी क्षेत्रों में विश्वसनीय क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि गतिशील और हाइब्रिड खतरों का मुकाबला किया जा सके। CDS ने गहरे अंतर-सेवा एकीकरण, कुशल बल संरचनाओं और प्रौद्योगिकी के त्वरित अवशोषण को संचालनात्मक सफलता के लिए अनिवार्य कारक बताया।
जनरल चौहान ने खुफिया, निगरानी और अन्वेषण (ISR), साइबर क्षमताओं, और सुधारित स्थिति जागरूकता में लक्षित निवेश की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्णय में श्रेष्ठता और गति संघर्ष के सम्पूर्ण स्पेक्ट्रम में निर्णायक होगी। उन्होंने कमांडरों से संयुक्तता, नवाचार और अनुकूलनशीलता को बढ़ावा देने के लिए कहा ताकि तेजी से बदल रहे और प्रतिस्पर्धात्मक सुरक्षा वातावरण में राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके।
इस दौरे ने सशस्त्र बलों की संयुक्त योजना, प्रौद्योगिकी-आधारित आधुनिकीकरण और एकीकृत संचालन के प्रति प्रतिबद्धता को reaffirm किया, ताकि वर्तमान और उभरती चुनौतियों का सामना किया जा सके।